ईटानगर : अरुणाचल प्रदेश सरकार राज्य में खेलों के परिवेशी तंत्र को और मजबूत करने के लिए एक व्यापक रूपरेखा तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य खेल संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, उपलब्ध संसाधनों का विवेकपूर्ण इस्तेमाल सुनिश्चित करना और जमीनी स्तर पर खेल एवं युवा कार्यक्रमों की प्रगति की प्रभावी निगरानी करना है। राज्य के खेल एवं युवा मामलों के मंत्री केंटो जिनी ने मंगलवार को ईटानगर में आयोजित एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रस्तावित नीतिगत पहलों और युवाओं से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों पर चर्चा की। बैठक में राज्य में खेलों के विकास के लिए व्यावहारिक कार्यान्वयन व्यवस्था तैयार करने तथा विभिन्न संस्थाओं और विभागों के बीच समन्वय को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया। जिनी ने कहा कि केवल खेल सुविधाओं और बुनियादी ढांचे का विस्तार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, संसाधन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए एक व्यवस्थित और परिणामोन्मुख तंत्र विकसित करना जरूरी है। उन्होंने प्रस्तावित नीति ढांचे को समावेशी, सुलभ और परिणामोन्मुख बनाने पर जोर दिया, ताकि राज्य के विभिन्न हिस्सों के युवा पेशेवर प्रशिक्षण और समग्र विकास का लाभ उठा सकें।
जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान पर जोर
मंत्री ने कहा कि सरकार की पहल का प्रमुख उद्देश्य राज्य के युवाओं की प्रतिभा को पहचानना और उसे उचित प्रशिक्षण एवं अवसरों के माध्यम से राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत उन्हें वैज्ञानिक प्रशिक्षण, बेहतर मार्गदर्शन और पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने की है। उन्होंने कहा, “इन दूरदर्शी पहलों का उद्देश्य हमारे युवाओं की अपार क्षमता का उपयोग करना, उनकी प्रतिभा को निखारना तथा उनमें राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए जरूरी आत्मविश्वास, अनुशासन और क्षमताएं विकसित करना है।” जिनी ने कहा कि सरकार ऐसा प्रगतिशील खेल परिवेश तैयार करना चाहती है, जिसमें राज्य के स्थानीय युवा अपनी खेल संबंधी आकांक्षाओं को पूरा कर सकें और राज्य की समृद्धि में सार्थक योगदान दे सकें।
खेल संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय
बैठक में प्रस्तावित पहलों के क्रियान्वयन के लिए संस्थागत समन्वय को मजबूत करने और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने पर भी चर्चा हुई। साथ ही, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी योजना और निगरानी व्यवस्था विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया गया। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब अरुणाचल प्रदेश खेलों में अपनी स्थिति मजबूत करने पर जोर दे रहा है। हाल में खेल मंत्री ने कहा था कि राज्य खेल उपलब्धियों के मामले में पूर्वोत्तर में मणिपुर के बाद दूसरे स्थान पर है और आने वाले समय में क्षेत्र में शीर्ष स्थान हासिल करने की क्षमता रखता है। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राज्य में 102 से अधिक खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को सम्मानित भी किया गया था। राज्य सरकार पहले भी खेल बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षकों की नियुक्ति, प्रतिभा पहचान और खेल प्रशासन में सुधार की दिशा में कदम उठा चुकी है। जनवरी 2026 में अरुणाचल ओलंपिक एसोसिएशन के साथ हुई बैठक में अरुणाचल स्टेट गेम्स, नॉर्थ ईस्ट गेम्स, बहुउद्देशीय खेल सुविधा, मेधावी खिलाड़ियों की योजना और अरुणाचल स्पोर्ट्स रिकॉग्निशन एंड रजिस्ट्रेशन बिल जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई थी।
वैज्ञानिक प्रशिक्षण और बेहतर सुविधाओं की जरूरत
पिछले दिनों राज्य में खेल विकास को लेकर विभिन्न संगठनों ने भी आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं की आवश्यकता उठाई है। अगस्त में एक प्रतिनिधिमंडल ने पासिघाट में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) का प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की मांग की थी। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि वैज्ञानिक कोचिंग, आवासीय सुविधाओं और विशेषज्ञ प्रशिक्षण के अभाव में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर अवसरों के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ता है। ऐसे में प्रस्तावित रोडमैप को राज्य के खेल बुनियादी ढांचे, प्रतिभा पहचान, प्रशिक्षण, संस्थागत समन्वय और निगरानी व्यवस्था को एकीकृत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।