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अरुणाचल ने शुरू किया राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज

तलाशे जाएंगे जमीनी स्तर की समस्याओं के व्यावहारिक और टिकाऊ समाधान

Krishna Das Parth

ईटानगर : जमीनी स्तर की समस्याओं के व्यावहारिक और टिकाऊ समाधान तलाशने के लिए अरुणाचल प्रदेश सरकार ने 5 अक्टूबर को नेशनल इनोवेशन चैलेंज (NIC) शुरू किया। इस पहल के तहत देशभर के युवाओं को अपने समुदाय, गांव, शहर, जिले या पंचायत से जुड़ी समस्याओं की पहचान कर ऐसे समाधान विकसित करने के लिए आमंत्रित किया गया है, जिन्हें आगे मेंटरशिप, वित्तीय सहायता और पायलट प्रोजेक्ट के जरिये जमीन पर उतारा जा सके। राज्य सरकार के अनुसार, यह चैलेंज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन की उपलब्धि के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल इस उपलब्धि का उत्सव मनाना नहीं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता को वास्तविक सामाजिक समस्याओं के समाधान से जोड़ना है। चैलेंज का आयोजन बेंगलुरु, अहमदाबाद, मुंबई, कोलकाता और नई दिल्ली में क्षेत्रीय स्तर पर किया जाएगा।

कोलकाता में पूर्वोत्तर समेत पांच राज्यों की भागीदारी

नेशनल इनोवेशन चैलेंज के कोलकाता रीजनल राउंड में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार के साथ पूर्वोत्तर राज्यों के युवा इनोवेटर भी हिस्सा ले सकेंगे। इस तरह पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के युवाओं को अपने स्थानीय मुद्दों पर तैयार किए गए समाधान राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया 5 अक्टूबर से शुरू हो गई है। इच्छुक प्रतिभागियों के लिए पूछताछ की अंतिम तारीख 25 अक्टूबर, जबकि आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर निर्धारित की गई है। आवेदन अरुणाचल प्रदेश के स्टार्टअप पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है।

छात्रों से स्टार्टअप तक सभी ले सकेंगे हिस्सा

चैलेंज को दो श्रेणियों में बांटा गया है। जूनियर कैटेगरी में स्कूल, आईटीआई और स्नातक स्तर के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है, जबकि ओपन कैटेगरी में स्नातक, युवा पेशेवर, स्टार्टअप, स्वतंत्र इनोवेटर और कम्युनिटी ग्रुप हिस्सा ले सकते हैं। प्रतिभागी व्यक्तिगत रूप से या टीम बनाकर आवेदन कर सकेंगे। जूनियर श्रेणी में समस्या की समझ, रचनात्मकता और विचार की स्पष्टता पर मुख्य रूप से मूल्यांकन होगा। वहीं ओपन कैटेगरी में समाधान की व्यवहारिकता और उसे बड़े स्तर पर लागू करने की क्षमता को अधिक महत्व दिया जाएगा। इस श्रेणी में प्रोटोटाइप या पायलट प्रोजेक्ट को प्राथमिकता दी जाएगी।

ईटानगर से कोलकाता और दिल्ली तक सफर

चैलेंज की चयन प्रक्रिया भी चरणबद्ध तरीके से होगी। शुरुआती स्तर पर चुने गए इनोवेटरों को ईटानगर बुलाया जाएगा, जहां वे जूरी के सामने अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद चयनित प्रतिभागी अगले चरण के लिए कोलकाता, जबकि फाइनलिस्ट नई दिल्ली जाएंगे। चयनित प्रतिभागियों की यात्रा का खर्च अरुणाचल प्रदेश सरकार वहन करेगी। सरकार का जोर ऐसे समाधानों की पहचान पर है, जो केवल किसी एक स्थान की समस्या तक सीमित न रहें, बल्कि दूसरे जिलों, राज्यों या क्षेत्रों में भी लागू किए जा सकें। यानी स्थानीय समस्या का ऐसा समाधान विकसित करना लक्ष्य है, जिसमें बड़े पैमाने पर विस्तार की संभावना हो।

APIIP बनेगा इनोवेशन का लॉन्चपैड

राज्य सरकार ने अरुणाचल प्रदेश इनोवेशन एंड इन्वेस्टमेंट पार्क (APIIP) को राज्य के इनोवेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम के प्रमुख संस्थान के रूप में विकसित किया है। APIIP की स्थापना अगस्त 2021 में राज्य के पहले सरकारी स्वामित्व वाले प्रमुख इनक्यूबेटर के रूप में की गई थी। यह स्टार्टअप को इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, क्षमता निर्माण और निवेश से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराने के लिए काम करता है। APIIP का ज्ञान साझेदार आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क है। इसका उद्देश्य अरुणाचल में उद्यमिता की संस्कृति को मजबूत करना और राज्य को इनोवेशन एवं उद्यमिता का केंद्र बनाने की दिशा में काम करना है।

156 स्टार्टअप को मिल चुकी है मदद

राज्य सरकार ने अपने अरुणाचल प्रदेश एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम (APEDP) को भी इस इकोसिस्टम का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है। APEDP की शुरुआत स्थानीय समस्याओं के समाधान वाले कारोबारी विचारों और युवा उद्यमियों को पहचानने, उन्हें प्रशिक्षण देने तथा इनक्यूबेशन और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। सरकार के अनुसार, अब तक APEDP के जरिये 156 स्टार्टअप इनक्यूबेट किए जा चुके हैं और करीब 100 अन्य स्टार्टअप इनक्यूबेशन प्रक्रिया में हैं। APEDP के मौजूदा चरण में भी इनोवेटिव स्टार्टअप को सीड फंडिंग, प्री-इन्क्यूबेशन और मेंटरशिप जैसी सहायता दी जा रही है।

भारत के बढ़ते इनोवेशन इकोसिस्टम पर जोर

राज्य सरकार ने भारत में इनोवेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम के विस्तार का भी उल्लेख किया। सरकार के मुताबिक, ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भारत की स्थिति 2015 के 81वें स्थान से सुधरकर 2025 में 38वें स्थान पर पहुंची है। साथ ही DPIIT से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप की संख्या में भी पिछले एक दशक में तेज वृद्धि हुई है। सरकार का कहना है कि नेशनल इनोवेशन चैलेंज इसी व्यापक बदलाव को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की कोशिश है। इसके माध्यम से युवाओं को समस्या पहचानने, समाधान विकसित करने, उसका प्रोटोटाइप तैयार करने और उसे वास्तविक परिस्थितियों में लागू करने का अवसर मिलेगा। राज्य सरकार ने अरुणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर समेत देशभर के युवा इनोवेटरों से चैलेंज में भाग लेने की अपील की है। सरकार का लक्ष्य ऐसे विचारों को सामने लाना है जो स्थानीय समस्याओं का समाधान करने के साथ-साथ रोजगार, उद्यमिता और सामाजिक विकास के नए अवसर भी पैदा कर सकें।

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