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टक्सिंग है भारत की अग्रिम पंक्ति, सीमा सुरक्षा और विकास को दें सर्वोच्च प्राथमिकता : कांग्रेस

कहा, विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहें

ईटानगर : अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ वहां रहने वाले समुदायों के विकास और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बोसीराम सिराम ने कहा कि सीमा पर रहने वाले लोग देश की सुरक्षा की पहली पंक्ति हैं और सरकार को उनकी जरूरतों के प्रति उसी गंभीरता से काम करना चाहिए। सिराम ने ऊपरी सुबनसिरी जिले के टक्सिंग सेक्टर के चार दिवसीय दौरे के बाद यह बात कही। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेताओं और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ स्थानीय लोगों तथा सीमावर्ती इलाकों में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं तथा जरूरतों को समझने का प्रयास किया। सिराम ने एक बयान में कहा, ‘‘जो लोग सीमावर्ती इलाकों की बात करते हैं, उनमें वहां तक पहुंचने, लोगों से मिलने और जमीनी हकीकत को समझने का साहस भी होना चाहिए। टक्सिंग भारत का कोई दूर-दराज का कोना नहीं है, बल्कि यह भारत की अग्रिम पंक्ति (फ्रंटलाइन) है।’’

सीमावर्ती लोगों की सुविधाओं पर जोर

कांग्रेस नेता ने कहा कि सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों को बेहतर सड़क, संचार, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना केवल विकास का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। उनके मुताबिक, दुर्गम इलाकों में रहने वाली आबादी सीमावर्ती क्षेत्रों में भारत की मौजूदगी और निरंतरता को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती इलाकों में विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लाभ स्थानीय आबादी तक पहुंचे।

सैनिकों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे की मांग

सिराम ने सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों के लिए बिना रुकावट रसद आपूर्ति, आधुनिक उपकरण, बेहतर संचार सुविधाएं, पर्याप्त आवास, चिकित्सा सहायता और पर्याप्त संख्या में जवानों की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में तैनात जवानों को अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि वे प्रभावी तरीके से सीमा की निगरानी कर सकें। टक्सिंग जैसे दुर्गम इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से न केवल सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि स्थानीय लोगों का जीवन भी आसान होगा।

बहुदलीय संसदीय दल भेजने की मांग

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से टक्सिंग और अन्य रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा करने के लिए बहुदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल भेजने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे दौरे लोकतांत्रिक निगरानी को मजबूत करेंगे। निर्वाचित जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का आकलन कर सकेंगे और सीमावर्ती समुदायों, सुरक्षा बलों तथा स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों से सीधे बातचीत कर सकेंगे। सिराम के अनुसार, सीमा से जुड़े मुद्दों को केवल राजधानी में बैठकर समझने के बजाय जमीनी स्तर पर जाकर वहां की परिस्थितियों को देखना जरूरी है।

‘अरुणाचल रेजीमेंट’ बनाने की वकालत

कांग्रेस नेता ने भारतीय सेना में ‘अरुणाचल रेजीमेंट’ के गठन की भी वकालत की। उन्होंने कहा कि इस रेजीमेंट में राज्य के स्थानीय आदिवासी युवाओं की बड़ी संख्या में भर्ती की जानी चाहिए। उनका कहना था कि सीमावर्ती क्षेत्रों और वहां के स्थानीय समुदायों को सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने से राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूती मिल सकती है। स्थानीय युवाओं को सेना में अवसर मिलने से रोजगार के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों के प्रति उनकी भागीदारी और जिम्मेदारी भी बढ़ेगी।

‘सीमा पर नहीं, भारत की अग्रिम पंक्ति में रहते हैं लोग’

सिराम ने कहा, ‘‘टक्सिंग के लोग भारत के किनारे पर नहीं रह रहे हैं। वे भारत की अग्रिम पंक्ति (फ्रंटलाइन) पर रह रहे हैं। अगर देश उनसे सीमा पर डटे रहने की उम्मीद करता है, तो उसे भी उनके साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए।’’ टक्सिंग का इलाका ऊपरी सुबनसिरी जिले में भारत-चीन सीमा के निकट स्थित एक संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्र है। हाल के दिनों में इस क्षेत्र को लेकर सुरक्षा, सीमा पर गतिविधियों और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दे चर्चा में रहे हैं। सीमावर्ती विकास को लेकर राज्य सरकार भी हाल में सीमा समुदायों की सुरक्षा, कल्याण और संपर्क सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कह चुकी है। 

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