देश/विदेश

अंडमान के उपराज्यपाल ने प्रधानमंत्री से की मुलाकात

पर्यटन और बुनियादी ढांचा विकास पर की चर्चा

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : एडमिरल डी. के. जोशी, (सेवानिवृत्त), उपराज्यपाल, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह तथा द्वीप विकास एजेंसी के उपाध्यक्ष ने 20 फरवरी को भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।

मुलाकात के दौरान उपराज्यपाल ने माननीय प्रधानमंत्री को हाल ही में पाँच सितारा लक्ज़री ईको-पर्यटन होटल क्षेत्र में पीपीपी मॉडल के तहत प्रदान किए गए कई अनुबंधों की जानकारी दी। ये परियोजनाएँ राजस्व साझेदारी प्रतिशत और वार्षिक बढ़ती लीज शुल्क पर आधारित हैं, जिन्हें अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के लिए शुद्ध राजस्व उत्पन्न करने वाले मॉडल के रूप में तैयार किया गया है। उपराज्यपाल ने जल सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक उपायों का भी प्रस्ताव रखा और बताया कि बढ़ती जनसंख्या तथा बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन के साथ आने वाले वर्षों में उपभोक्ताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त, देश के लगभग एक-तिहाई विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र और एक-चौथाई समुद्री तटरेखा के साथ अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह नीली अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता बन सकता है, इस दिशा में विशेष रूप से समुद्र तल खनिजों के अध्ययन को आगे बढ़ाने के प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को संभालने के लिए चयनित स्थलों पर अतिरिक्त ग्रीन फील्ड हवाई अड्डों की स्थापना, चयनित द्वीपों पर ऊर्जा उत्पादन के लिए छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों पर विचार तथा हिंद महासागर क्षेत्र में अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह को जहाज मरम्मत और निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव भी रखे गए।

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