सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम – उत्तर एवं मध्य अंडमान जिला परिषद के अध्यक्ष अलगर स्वामी ने जिला परिषद के निवास भवन के निर्माण के लिए वीआईपी मार्ग के समीप भूमि आवंटित किए जाने पर उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जिला परिषद के निवास भवन का निर्माण उनकी प्राथमिकताओं में शामिल था और अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही वह इस दिशा में प्रयासरत थे। उन्होंने इस संबंध में उपराज्यपाल से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर निवास भवन के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था।
अध्यक्ष ने बताया कि आवंटित की गई भूमि वीआईपी मार्ग के समीप सड़क से सटी हुई है, जिससे यह स्थान जिला परिषद के निवास भवन के लिए काफी सुविधाजनक होगा। इस भवन के निर्माण से मायाबंदर, डिगलीपुर तथा उत्तर एवं मध्य अंडमान के अन्य दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले जिला परिषद सदस्यों, पूर्व सदस्यों के साथ-साथ आम जनता को भी काफी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल जिला परिषद सदस्यों के लिए निवास की व्यवस्था करना नहीं है, बल्कि दूरदराज क्षेत्रों से अपने कार्यों के सिलसिले में श्री विजय पुरम आने वाले आम लोगों को भी यहां ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने सरकारी एवं अन्य आवश्यक कार्य पूरे कर वापस अपने क्षेत्रों में लौट सकें।
अलगर स्वामी ने बताया कि उन्हें प्रशासन की ओर से प्राप्त पत्र में भूमि आवंटन के साथ-साथ भवन निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध कराने का भी उल्लेख किया गया है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए मुख्य सचिव, जिला उपायुक्तों, उत्तर एवं मध्य अंडमान जिला प्रशासन, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी तथा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सहित पूरे प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से मुख्य सचिव, संबंधित उपायुक्तों, कृष्ण चैतन्य तथा जिला परिषद के सभी सदस्यों के सहयोग की सराहना की।
आगामी चुनावों और अपने कार्यकाल को लेकर पूछे गए सवाल पर अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने 14 जून को पद की शपथ ली थी और अभी उनके कार्यकाल के लगभग पांच महीने ही हुए हैं। हालांकि, इस दौरान काफी समय वर्षा ऋतु में बीत गया, जिसके कारण कई विकास कार्यों की गति प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि अब कामकाज का अनुकूल मौसम शुरू हो रहा है और दिसंबर में धनराशि उपलब्ध होने की भी उम्मीद है। ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि लंबित विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने की दिशा में कदम उठाए।
उन्होंने बताया कि जिला परिषद की ओर से कई विकास कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है। चार निविदाएं पहले ही जारी की जा चुकी हैं, जबकि कई अन्य कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया अभी जारी है। इनमें सड़क निर्माण सहित विभिन्न बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर एवं मध्य अंडमान के कई क्षेत्रों में विकास कार्य लंबे समय से लंबित हैं और अब काम करने का उचित समय है। इसलिए प्रशासन को इन कार्यों को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द पूरा कराने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।
अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद विकास कार्यों पर कई तरह की सीमाएं लग सकती हैं। ऐसे में उनका उपराज्यपाल, अंडमान एवं निकोबार प्रशासन तथा निर्वाचन आयोग से अनुरोध है कि उपलब्ध समय का बेहतर उपयोग करते हुए विकास कार्यों को गति दी जाए। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य पद पर बने रहना नहीं, बल्कि अपने कार्यकाल में जनता के लिए अधिक से अधिक विकास कार्य सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावों के कारण विकास कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए और सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपने क्षेत्रों के विकास के लिए पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।
अलगर स्वामी ने विश्वास व्यक्त किया कि जिला परिषद के निवास भवन का शिलान्यास जल्द ही उपराज्यपाल के हाथों होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि उपराज्यपाल स्वयं इस भवन की आधारशिला रखेंगे और निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि जिला परिषद के निवास भवन के निर्माण के साथ-साथ मायाबंदर में प्रस्तावित जिला भवन से संबंधित कार्यों को भी गति मिलनी चाहिए, ताकि उत्तर एवं मध्य अंडमान के लोगों को भविष्य में बेहतर सुविधाएं मिल सकें।