सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम -- अंडमान निकोबार टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन (एंटोआ) के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल प्रोफेसर (डॉक्टर) दिनेश शर्मा से मुलाकात कर पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की और द्वीपों में पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाने की मांग की।
लगभग 45 मिनट चली इस बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने कई चिंताएं उठाईं, जिनमें ऊंचा हवाई किराया, सीमित उड़ान संपर्क, पर्यटन को उद्योग का दर्जा, टूर ऑपरेटरों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया का सरलीकरण, स्थानीय उद्यमियों को वित्तीय सहायता और अवसंरचना विकास शामिल थे। उपराज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की चिंताएं सुनीं और एसोसिएशन की ओर से रखे गए विभिन्न सुझावों पर चर्चा की।
एंटोआ के अध्यक्ष सिमसन ने कहा कि एसोसिएशन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पर्यटन विकास का लाभ पर्यटन उद्यमों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों, युवाओं, छोटे व्यापारियों और ग्रामीण समुदायों तक भी पहुंचे।
प्रतिनिधिमंडल ने द्वीपों तक पहुंच आसान बनाने और ऊंचे हवाई किराये की समस्या के समाधान के लिए द्वीपों और देश के प्रमुख शहरों के बीच उड़ान सेवाएं बढ़ाने का अनुरोध किया। श्री विजय पुरम से रात्रिकालीन उड़ानें शुरू करने और अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क विकसित करने की संभावना पर भी चर्चा हुई। उपराज्यपाल ने बेहतर संपर्क के महत्व को स्वीकार किया और कहा कि प्रधानमंत्री के साथ उनकी प्रस्तावित बैठक में उड़ानों की संख्या और संपर्क के मुद्दे उठाने का प्रयास किया जाएगा।
उपराज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि दिसंबर में अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में एशियाई देशों की भागीदारी वाला एक सम्मेलन आयोजित करने की योजना है। एंटोआ ने कहा कि इस प्रस्तावित आयोजन के माध्यम से द्वीपों के समुद्र तटों, समुद्री पर्यटन, साहसिक गतिविधियों और ऐतिहासिक आकर्षणों को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जा सकता है। एसोसिएशन ने उम्मीद जताई कि यह सम्मेलन स्थानीय निवासियों के लिए व्यापार के अवसर और रोजगार पैदा करेगा।
एंटोआ ने प्रशासन से द्वीपों में पर्यटन क्षेत्र को औपचारिक रूप से उद्योग का दर्जा दिलाने के लिए प्रयास करने का आग्रह किया। एसोसिएशन के अनुसार इस मान्यता से बैंक ऋण, वित्तीय सहायता और लागू सरकारी योजनाओं तक पहुंच बेहतर हो सकती है, साथ ही होटलों, ट्रैवल एजेंसियों और पर्यटन से जुड़े अन्य उद्यमों में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। उपराज्यपाल ने इस मांग पर संज्ञान लिया और संकेत दिया कि इस मामले को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल ने वंडूर समुद्र तट को बेहतर पर्यटक सुविधाओं, सुनियोजित अवसंरचना तथा उपयुक्त मनोरंजक और साहसिक गतिविधियों के साथ एक प्रमुख पर्यटन और मनोरंजन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा। एंटोआ ने कहा कि समुद्र तट के विकास से अधिक पर्यटक आकर्षित होंगे, व्यापार के अवसर बनेंगे और स्थानीय निवासियों के लिए अतिरिक्त रोजगार पैदा होगा।
मौजूदा व्यापार पंजीकरण प्रक्रिया से जुड़ी कठिनाइयों की ओर ध्यान दिलाते हुए एंटोआ ने टूर ऑपरेटरों के लिए एकल खिड़की पंजीकरण प्रणाली की मांग की। एसोसिएशन ने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था से प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध होगी तथा पात्र व्यवसाय आवश्यक औपचारिकताएं अधिक सुविधा से पूरी कर सकेंगे। उपराज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि प्रक्रिया को सरल बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने लिटिल अंडमान को पर्यटन स्थल के रूप में और विकसित करने की मांग की तथा वहां एक सर्फिंग स्कूल स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। एंटोआ ने कहा कि सर्फिंग और अन्य साहसिक पर्यटन गतिविधियां पर्यटकों को आकर्षित करने के साथ स्थानीय युवाओं को नए कौशल सीखने और पर्यटन क्षेत्र में रोजगार पाने के अवसर भी देंगी। उपराज्यपाल ने इस प्रस्ताव पर संज्ञान लिया और संकेत दिया कि इस मामले को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
एंटोआ ने स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक जीवनशैली, ग्रामीण अनुभवों, प्राकृतिक आकर्षणों और स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित कर ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। एसोसिएशन ने कहा कि ऐसी पहलों से ग्रामीण समुदायों को अतिरिक्त आय होगी और पर्यटक स्थापित पर्यटन स्थलों से आगे भी द्वीपों का अनुभव कर सकेंगे। उपराज्यपाल ने ग्रामीण पर्यटन से संबंधित लागू दिशानिर्देशों की जानकारी दी और कहा कि निर्धारित नियमों के अनुसार घरेलू शुल्क लागू होंगे।
एसोसिएशन ने सैटे, ओटीएम, आईआईटीएम और टीटीएफ सहित प्रमुख राष्ट्रीय पर्यटन और ट्रैवल ट्रेड मेलों में प्रशासन और पर्यटन विभाग की अधिक भागीदारी का अनुरोध किया। उसने स्थानीय टूर ऑपरेटरों और पर्यटन से जुड़े अन्य हितधारकों के लिए भी इन आयोजनों में भाग लेने के अवसर मांगे। एंटोआ ने कहा कि ऐसे मंचों से द्वीपों के व्यवसाय देशभर के ट्रैवल एजेंटों, टूर ऑपरेटरों और उद्योग भागीदारों से संपर्क स्थापित कर सकेंगे, जिससे उनके बाजार का विस्तार होगा।
प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन से जुड़े व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक स्थानीय युवाओं के लिए बैंक ऋण और वित्तीय सहायता की सुविधा उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। इनमें होटल, होमस्टे, ट्रैवल एजेंसियां, साहसिक पर्यटन उपक्रम और पर्यटकों से जुड़ी अन्य सेवाएं शामिल हो सकती हैं। एंटोआ ने अनुमतियां प्राप्त करने और व्यापारिक औपचारिकताएं पूरी करने के लिए सरल और समयबद्ध प्रक्रिया की भी मांग की और कहा कि वित्त तक बेहतर पहुंच से स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा तथा पर्यटन अर्थव्यवस्था में स्थानीय भागीदारी मजबूत होगी।
प्रतिनिधिमंडल ने रॉस द्वीप और सेल्युलर जेल में लाइसेंस तथा पर्यटन से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी चिंता जताई। उसने पर्यटन सेवाओं के सुचारु संचालन और पर्यटकों के बेहतर अनुभव के लिए संबंधित प्रक्रियाओं की समीक्षा और सरलीकरण का अनुरोध किया। उपराज्यपाल ने उठाए गए मुद्दों पर संज्ञान लिया, जबकि आगे की कार्रवाई संबंधित विभागों के निर्णयों और लागू नियमों के अधीन होगी।
चर्चा में द्वीपों में अवसंरचना विकास और सड़क संपर्क का विषय भी शामिल रहा। उपराज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को नक्शे पर प्रस्तावित सड़क मार्ग और पुल विकास योजनाएं दिखाईं। चर्चा में मरीन ड्राइव तथा मिनी बे, मिठाखाड़ी, हाथी टापू, डंडस प्वाइंट, शोर प्वाइंट और कडकचांग जैसे क्षेत्रों में संभावित संपर्क सुधार और तटीय विकास पर बात हुई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी, पर्यटन गतिविधियों को सहारा मिलेगा और स्थानीय व्यवसायों तथा निवासियों के लिए अवसर पैदा होंगे।