सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम – अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में सर्पदंश के मामलों के उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक सर्प विषरोधी दवा की उपलब्धता सुनिश्चित की है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पताल और संदर्भ अस्पताल तक सर्पदंश के उपचार की सुविधा उपलब्ध होने के साथ योग्य चिकित्सा अधिकारी भी चौबीसों घंटे मरीजों के उपचार के लिए मौजूद रहते हैं।
स्वास्थ्य विभाग से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में बाह्य रोगी विभाग और अंतः रोगी विभाग में कुल 633 सर्पदंश के मामले दर्ज किए गए। हालांकि, इन मामलों में समय पर उपचार उपलब्ध होने और सर्पदंश के उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक व्यवस्था मौजूद रहने के कारण इस अवधि में सर्पदंश से एक भी मृत्यु दर्ज नहीं की गई।
द्वीपसमूह में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के सांपों के काटने के मामलों के उपचार के लिए बहुउद्देशीय सर्प विषरोधी दवा स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध कराई गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, सर्पदंश के बाद मरीज को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना उपचार की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि उपचार में देरी होने पर विष का प्रभाव गंभीर हो सकता है।
सर्पदंश के मामलों में ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए समय पर स्वास्थ्य सुविधा तक पहुंचना विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। प्राथमिक स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों में दवा की उपलब्धता और चिकित्सकीय सुविधा होने से ऐसे मरीजों को प्रारंभिक उपचार मिलने की संभावना बढ़ जाती है, जबकि आवश्यकता के अनुसार उन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जा सकता है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सांप के काटने की स्थिति में घरेलू उपचार या किसी अप्रमाणित उपाय पर निर्भर रहने के बजाय बिना समय गंवाए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें। सर्पदंश के बाद तत्काल चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करना गंभीर जटिलताओं को रोकने और मरीज की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।