फोटो में रंगत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की तस्वीर, जहां विभिन्न समस्याओं को लेकर मांगें उठाई गई हैं।  
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रंगत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मांगों पर जवाब नहीं मिला तो धरना देंगे

एक महीने बाद भी प्रशासन की ओर से नहीं मिला आधिकारिक जवाब

SANJIB KUMAR ROY

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजय पुरम – रंगत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर जिला परिषद सदस्य तापोस राय द्वारा उठाए गए 10 सूत्रीय मांगों पर एक महीने का समय बीत जाने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाया है। तापोस राय ने कहा कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर उनकी सभी मांगों पर स्पष्ट जवाब और ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो जनता के साथ मिलकर धरना शुरू किया जाएगा।

रंगत जिला परिषद सदस्य तापोस राय ने एक बयान जारी कर कहा कि पिछले महीने 7 तारीख को उन्होंने रंगत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की विभिन्न समस्याओं और आवश्यक सुविधाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा था। पत्र के माध्यम से सात दिनों के भीतर कार्ययोजना और कार्रवाई की जानकारी मांगी गई थी, लेकिन एक महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें किसी प्रकार का आधिकारिक जवाब नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्थानीय प्रशासन के सहायक आयुक्त तथा अस्पताल प्रबंधन से इस संबंध में बातचीत की है और उनकी कुछ मांगों पर स्थानीय स्तर पर ध्यान दिए जाने की जानकारी मिली है, लेकिन निदेशक अथवा सचिव स्तर पर उनके पत्र को गंभीरता से लिया गया है या नहीं, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी उन्हें प्राप्त नहीं हुई है।

तापोस राय ने कहा कि यदि उनके पत्र को गंभीरता से लिया गया होता तो कम से कम एक आधिकारिक जवाब उन्हें जरूर प्राप्त होता। उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान रंगत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित 10 प्रमुख मांगें रखी गई थीं। इनमें स्थायी मुख्य चिकित्सा अधिकारी की तत्काल नियुक्ति प्रमुख मांगों में शामिल है। उन्होंने कहा कि उन्हें अनौपचारिक रूप से यह जानकारी मिली है कि रंगत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मुख्य चिकित्सा अधिकारी का पद ही नहीं है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में उनके पास कोई आधिकारिक पत्र या दस्तावेज नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह पद पहले था तो अब समाप्त कैसे हो गया और यदि पहले से पद नहीं था तो पूर्व में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति किस आधार पर हुई थी।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि पद मौजूद है लेकिन योग्य चिकित्सकों की उपलब्धता के कारण नियुक्ति नहीं हो रही है, तो इस संबंध में भी प्रशासन को स्पष्ट स्थिति बतानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके पास इस संबंध में कोई आधिकारिक आंकड़ा या पत्राचार उपलब्ध नहीं है।

राय ने बताया कि रंगत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जैव रसायन प्रयोगशाला पहले पूरी तरह से काम नहीं कर रही थी, लेकिन अब प्रयोगशाला पूरी तरह कार्यशील है। केवल थायरॉयड जांच मशीन की समस्या अभी बनी हुई है। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया और मांग भेजी जा चुकी है तथा अस्पताल के अधिकारियों ने उन्हें मौखिक रूप से आश्वासन दिया है कि मशीन को जल्द ठीक कराया जाएगा।

उन्होंने अल्ट्रासोनोग्राफी सेवा को लेकर भी कहा कि इसके लिए रोस्टर तैयार किए जाने की मांग की गई थी, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उनके अनुसार, मायाबंदर के आरके अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक भी रोस्टर के आधार पर चिकित्सक की व्यवस्था कर सकते हैं, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं किया गया है। इसके अलावा स्त्री रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता और मासिक विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर आयोजित करने की मांग पर भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है।

रंगत सीएससी में अंधकक्ष परिचारक, प्रयोगशाला सहायक तथा लांग आइलैंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए प्रयोगशाला एवं एक्स-रे तकनीशियन की आवश्यकता को लेकर भी कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला है। तापोस राय ने कहा कि उन्हें अनौपचारिक रूप से यह जानकारी मिली है कि स्वास्थ्य सेवा निदेशालय के पास पर्याप्त संख्या में चिकित्सक नहीं हैं जिन्हें रंगत भेजा जा सके, लेकिन इस संबंध में भी उनके साथ कोई आधिकारिक पत्राचार नहीं हुआ है।

डायलिसिस सुविधा को लेकर उन्होंने बताया कि दो मशीनों की मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि डायलिसिस मशीनों की खरीद प्रक्रिया में तकनीकी मूल्यांकन पूरा हो चुका है और पांच या छह मशीनों के समूह की अंतिम खरीद प्रक्रिया बाकी है। खरीद पूरी होने के बाद उनमें से एक मशीन रंगत सीएससी को दिए जाने की जानकारी उन्हें अस्पताल अधिकारियों के माध्यम से मिली है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि वर्तमान में अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता संतोषजनक है। उनके अनुसार नियमित तथा आपातकालीन दोनों प्रकार की आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं और मरीजों को बाहर से दवा खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं अस्पताल के भंडार और दवा विक्रय केंद्र में जाकर इसकी जानकारी ली तथा संबंधित चिकित्सा अधिकारियों से भी इसकी पुष्टि की है।

अस्पताल की साफ-सफाई, स्वच्छता, रखरखाव और मरीजों के लिए निर्धारित मानक प्रक्रियाओं को लेकर तापोस राय ने कहा कि वर्तमान में व्यवस्था काफी बेहतर है और अस्पताल साफ-सुथरा रखा जा रहा है। उन्होंने रंगत के लोगों से अपील की कि यदि किसी मरीज या परिजन को अस्पताल की स्वच्छता या किसी अन्य व्यवस्था को लेकर शिकायत है तो वे सीधे उन्हें संदेश के माध्यम से जानकारी दें।

उन्होंने टीबी मरीजों के लिए अलग व्यवस्था के संबंध में बताया कि पहले सामान्य पुरुष वार्ड में टीबी मरीजों को रखा जाता था। अब एक अलग विशेष वार्ड टीबी मरीजों के लिए उपलब्ध कराया गया है। यदि एक समय में मरीजों की संख्या बढ़ती है तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध अन्य विशेष वार्डों का भी उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह टीबी मरीजों के लिए तत्काल समस्या का समाधान कर दिया गया है और भविष्य में नया ढांचा या व्यवस्था तैयार होने पर मरीजों को वहां स्थानांतरित किया जा सकता है।

तापोस राय ने कहा कि 7 तारीख को मांग-पत्र सौंपे जाने के बाद अब एक महीना पूरा हो चुका है, लेकिन 10 सूत्रीय मांगों में से सभी बिंदुओं पर अपेक्षित कार्रवाई या आधिकारिक जवाब नहीं मिला है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले एक-दो दिनों में एक और पत्र प्रशासन को दिया जाएगा और इसमें लगभग 15 दिनों का समय दिया जाएगा। यदि इस अवधि में मांगों पर आधिकारिक जवाब और ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो जनता के साथ धरना दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि दुर्गापूजा के कारण फिलहाल सभी लोग अपने व्यक्तिगत और सामाजिक कार्यों में व्यस्त हैं, लेकिन रंगत अस्पताल का मुद्दा उनके लिए गंभीर है। उन्होंने कहा कि लोगों को बहुत बड़ी सुविधाओं की मांग नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवा की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है। यदि इन बुनियादी सुविधाओं को भी उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो उन्हें जनता के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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