सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दक्षिण अंडमान के जिला अध्यक्ष जितेंद्र नारायण ने अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल और सांसद को पत्र लिखकर श्री विजय पुरम तथा दक्षिण अंडमान जिले में बार-बार हो रही बिजली कटौती और वोल्टेज के भारी उतार-चढ़ाव की समस्या के समाधान के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस स्पष्ट राष्ट्रीय दृष्टिकोण का स्मरण करते हुए, जिसमें उन्होंने कई बार कहा है कि सरकार का सपना हर गांव और हर घर को सप्ताह के सातों दिन, साल के 365 दिन और दिन के 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराना है, नारायण ने कहा कि सभी के लिए भरोसेमंद और निर्बाध बिजली के इसी दृष्टिकोण से प्रेरित होकर वे पिछले कई दिनों से बार-बार बिजली कटौती और वोल्टेज के भारी उतार-चढ़ाव के कारण श्री विजय पुरम तथा दक्षिण अंडमान जिले के कई हिस्सों के लोगों को हो रही गंभीर कठिनाइयों को उनके सामने रख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिले भर के उपभोक्ता नियमित रूप से और बिना चूके बिजली बिल चुका रहे हैं, फिर भी बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बेहद असंतोषजनक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि यह गहरी चिंता का विषय है कि अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में बिजली की दरें देश में सबसे अधिक दरों में शामिल हैं, जबकि जनता को दी जा रही सेवा का स्तर स्वीकार्य मानकों से काफी नीचे है। बार-बार और बिना पूर्व सूचना के हो रही बिजली कटौती तथा वोल्टेज के अत्यधिक उतार-चढ़ाव से आम नागरिकों को दैनिक जीवन में व्यापक परेशानी हो रही है।
पत्र के अनुसार अचानक बिजली गुल होने और अस्थिर वोल्टेज से पढ़ाई बाधित होने के कारण विद्यार्थियों को स्कूल और घर दोनों जगह पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में भारी कठिनाई हो रही है, विशेषकर परीक्षा के दिनों में। अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को भी कामकाज में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे मरीजों की देखभाल और आपातकालीन सेवाओं के लिए सीधा खतरा पैदा हो रहा है। घरेलू दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई है और वोल्टेज के बार-बार बढ़ने-घटने से फ्रिज, टेलीविजन, कंप्यूटर, पानी के पंप और अन्य बिजली उपकरण खराब होने के कारण कई परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
नारायण ने कहा कि घरेलू असुविधा के अलावा अविश्वसनीय बिजली आपूर्ति छोटे व्यवसायों, दुकानों, कार्यालयों और स्थानीय अर्थव्यवस्था के अहम हिस्से पर्यटन क्षेत्र पर भी बुरा असर डाल रही है। लगातार व्यवधानों से जनता का भरोसा कमजोर होता है और उन कानून का पालन करने वाले नागरिकों में निराशा का माहौल बनता है, जो ऊंची दरें चुकाने के बदले बुनियादी नागरिक सुविधाओं की अपेक्षा रखते हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति न केवल तत्काल सुधारात्मक कदमों की मांग करती है, बल्कि मौजूदा वितरण अवसंरचना, रखरखाव व्यवस्था और आपात इंतजामों की गहन समीक्षा भी आवश्यक है, ताकि ऐसी बार-बार की समस्याएं दक्षिण अंडमान के जीवन का स्थायी हिस्सा न बन जाएं।
उन्होंने उपराज्यपाल से प्राथमिकता के आधार पर हस्तक्षेप करने, संबंधित अधिकारियों को त्वरित और प्रभावी कदम उठाने का निर्देश देने तथा श्री विजय पुरम और दक्षिण अंडमान जिले के प्रभावित क्षेत्रों में बिना किसी और देरी के स्थिर, भरोसेमंद और निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल करना सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस गंभीर जन शिकायत पर व्यक्तिगत ध्यान देने से हजारों निवासियों की कठिनाइयां दूर करने और हर द्वीपवासी को गुणवत्तापूर्ण बिजली देने की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को साकार करने में काफी मदद मिलेगी।