सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम – अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में आयोजित संयुक्त तटीय सुरक्षा अभ्यास ‘सागर कवच-02/26’ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह अभ्यास 27 अक्टूबर 2026 को सुबह 6 बजे शुरू हुआ और 28 अक्टूबर को शाम 6 बजे तक जारी रहा। अभ्यास के दौरान विभिन्न संबंधित एजेंसियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई तथा आपसी समन्वय के साथ तटीय सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता का आकलन किया।
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य मौजूदा तटीय सुरक्षा तंत्र की कार्यक्षमता की जांच करना था। इसके अंतर्गत समुद्र की ओर से शत्रु पक्ष के तत्वों द्वारा घुसपैठ के प्रयासों और भूमि पर स्थित महत्वपूर्ण क्षेत्रों तथा महत्वपूर्ण स्थलों पर काल्पनिक हमलों की परिस्थितियां तैयार की गईं। इन परिस्थितियों के माध्यम से सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों, त्वरित प्रतिक्रिया देने की क्षमता, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा समुद्री और तटीय क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था का परीक्षण किया गया।
अभ्यास के दौरान घुसपैठ का प्रयास करने वाले काल्पनिक शत्रु पक्ष के तत्वों का जिला पुलिस और पुलिस समुद्री बल की इकाई ने सफलतापूर्वक पता लगाया तथा उन्हें पकड़ लिया। इस कार्रवाई से मौजूदा तटीय सुरक्षा व्यवस्था और आपात परिस्थितियों में प्रतिक्रिया देने की क्षमता की प्रभावशीलता प्रदर्शित हुई।
अंडमान एवं निकोबार पुलिस ने इस संयुक्त अभ्यास के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस बल ने द्वीपसमूह के विभिन्न हिस्सों में उपलब्ध मानव संसाधनों और उपकरणों का प्रभावी उपयोग करते हुए प्रतिबद्धता तथा व्यावसायिक दक्षता का परिचय दिया। अभ्यास के दौरान चिन्हित महत्वपूर्ण क्षेत्रों और स्थलों पर पुलिस कर्मियों की रणनीतिक रूप से तैनाती की गई। इसके साथ ही उपलब्ध समुद्री संसाधनों का उपयोग तटीय क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और निगरानी अभियान चलाने के लिए किया गया।
अभ्यास के दौरान सभी भाग लेने वाली एजेंसियों के बीच प्रभावी और निर्बाध समन्वय देखने को मिला। इससे केंद्रशासित प्रदेश की तटीय सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा संभावित समुद्री सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए उच्च स्तर की तैयारी सुनिश्चित करने में मदद मिली।
पुलिस समुद्री बल, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह की पुलिस अधीक्षक श्वेता के. सुगाथन ने अभ्यास की सफलता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अभ्यास के माध्यम से विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, निगरानी और त्वरित कार्रवाई की क्षमता को परखने का अवसर मिला।