फाइल फोटो - अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के सांसद बिष्णु पद रे। 
देश/विदेश

बिष्णु पद रे ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों हेतु स्वास्थ्य केंद्र जल्द मांगा

द्वीपों में योजना लागू करने की मांग

SANJIB KUMAR ROY

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजय पुरम --

अंडमान और निकोबार द्वीपों के सांसद बिष्णु पद रे ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे. पी. नड्डा से केंद्र सरकार के 2023 के उस निर्णय को शीघ्र लागू करने का अनुरोध किया है, जिसके तहत केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना की सुविधाओं का विस्तार संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन के अंतर्गत आने वाले पेंशनभोगियों तक किया गया था। इस सुविधा के दायरे में अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के सेवानिवृत्त कर्मचारी भी शामिल हैं। 27 सितंबर को लिखे अपने पत्र में बिष्णु पद रे ने श्री विजय पुरम में केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना के स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र की स्थापना शीघ्र करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मंत्रालय के साथ बार-बार पत्राचार किए जाने के बावजूद यह मामला अब तक लंबित है।

यह मुद्दा द्वीपों में रहने वाले सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में भौगोलिक, परिवहन संबंधी और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 2023 में जारी कार्यालय ज्ञापन के माध्यम से दिल्ली और चंडीगढ़ को छोड़कर संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन के पेंशनभोगियों तक केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना की चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार को मंजूरी दी गई थी। इस निर्णय की सूचना जिन संघ राज्य क्षेत्रों को दी गई थी, उनमें अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह को भी स्पष्ट रूप से शामिल किया गया था।

इस निर्णय के अनुसार पात्र संघ राज्य क्षेत्र पेंशनभोगियों को केंद्रीय सरकार के पेंशनभोगियों के समान केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना की सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी हैं। इसके लिए निर्धारित सदस्यता शुल्क का भुगतान करना होगा और यह शर्त भी लागू होगी कि संबंधित पेंशनभोगी किसी अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत चिकित्सा सुविधा प्राप्त नहीं कर रहा हो।

केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना का उद्देश्य कार्यरत और सेवानिवृत्त केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों तथा उनके आश्रितों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत बाह्य रोगी परामर्श, दवाएं, जांच सुविधाएं तथा सरकारी और सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार की सुविधा शामिल है। यह योजना स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों तथा सूचीबद्ध स्वास्थ्य संस्थानों के नेटवर्क के माध्यम से संचालित होती है।

अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में रहने वाले पेंशनभोगियों के लिए स्थानीय स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र की उपलब्धता इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे 2023 में लिए गए नीतिगत निर्णय को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। द्वीपों में केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना का अपना स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने की स्थिति में लाभार्थियों को स्थानीय स्तर पर नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। मुख्य भूमि के उन शहरों में रहने वाले पेंशनभोगियों की तुलना में यह स्थिति अधिक कठिन हो सकती है, जहां इस योजना के लिए आवश्यक स्वास्थ्य ढांचा पहले से उपलब्ध है।

बिष्णु पद रे की ताजा पहल इस सुविधा को स्थापित कराने के उनके पहले के प्रयासों के बाद सामने आई है। उनके पत्र के अनुसार, उन्होंने 10 नवंबर 2025 को स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष यह मामला उठाया था और सरकार के निर्णय को लागू करने तथा श्री विजय पुरम में स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र स्थापित करने का अनुरोध किया था। इस पत्र को 24 नवंबर 2025 को स्वीकार किया गया था। इसके बाद बिष्णु पद रे ने 1 जनवरी 2026 को एक अनुस्मारक पत्र भेजा और केंद्र की स्थापना को शीघ्र लागू करने के लिए सुझाए गए उपाय भी प्रस्तुत किए थे।

हालांकि, बिष्णु पद रे ने अपने पत्र में बताया है कि इस मामले को मंत्रालय के पास लंबित रहते हुए अब 10 महीने से अधिक समय बीत चुका है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने और 2023 में लिए गए निर्णय को शीघ्र लागू करने के साथ प्रस्तावित स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र की स्थापना कराने का अनुरोध किया है।

द्वीपों में पेंशनभोगी संगठनों की ओर से भी इस सुविधा की मांग उठाई गई है। 2023 में केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना की सुविधाओं का विस्तार संघ राज्य क्षेत्र के पेंशनभोगियों तक किए जाने के निर्णय का पेंशनभोगियों की ओर से स्वागत किया गया था। इसके साथ ही अंडमान एवं निकोबार में चिकित्सा प्रतिपूर्ति और अन्य संबंधित सुविधाओं से जुड़े विषय भी पेंशनभोगी संगठनों के प्रतिनिधित्व में उठते रहे हैं।

श्री विजय पुरम में केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना का स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र स्थापित होने से पात्र सेवानिवृत्त संघ राज्य क्षेत्र कर्मचारियों और द्वीपों में रहने वाले पेंशनभोगियों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य योजना की सेवाओं तक पहुंचने का एक स्थायी माध्यम मिल सकता है। इसके साथ ही वे केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना के व्यापक नेटवर्क और उससे जुड़े सूचीबद्ध स्वास्थ्य संस्थानों की सुविधाओं से भी जुड़ सकेंगे।

बिष्णु पद रे ने इसलिए मंत्रालय से आग्रह किया है कि 2023 में लिए जा चुके नीतिगत निर्णय को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से श्री विजय पुरम में प्रस्तावित स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र की स्थापना को शीघ्र आगे बढ़ाने की मांग की है।

अब यह मामला केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की आगे की कार्रवाई पर निर्भर है। सांसद ने अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के हित में मंत्रालय से इस विषय पर शीघ्र निर्णय लेने तथा द्वीपों में स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र स्थापित करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है।

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