सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम -- दक्षिण अंडमान जिले के भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष जितेंद्र नारायण ने डॉलीगंज के वार्ड संख्या 17 में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप को लेकर मुख्य सचिव, अंडमान एवं निकोबार प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने क्षेत्र के निवासियों की समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराते हुए कहा कि वार्ड में कई स्थानों पर जलभराव और नालियों के अवरुद्ध होने के कारण मच्छरों का प्रजनन तेजी से बढ़ रहा है। इससे स्थानीय लोगों को विशेषकर रात के समय काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में बताया गया कि वार्ड संख्या 17 के निवासियों ने जिलाध्यक्ष को मौखिक रूप से अपनी समस्याओं से अवगत कराया है। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में जगह-जगह पानी जमा रहने और नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण मच्छरों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि लोगों के लिए रात में चैन से सोना भी मुश्किल हो गया है। मच्छरों के लगातार बढ़ते प्रकोप के कारण बच्चों, बुजुर्गों और अन्य निवासियों को विशेष परेशानी हो रही है।
क्षेत्र के जिन इलाकों में मच्छरों का प्रकोप अधिक बताया गया है, उनमें मरीन कॉलोनी, पुराना शिव मंदिर क्षेत्र, लोकनाथ कॉलोनी, तेलुगु बस्ती तथा शिव कॉलोनी प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन क्षेत्रों में जलभराव और अवरुद्ध नालियों के कारण मच्छरों के पनपने की समस्या लगातार बढ़ रही है। स्थानीय निवासियों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
ज्ञापन में इस बात पर भी चिंता व्यक्त की गई है कि मच्छरों के बढ़ते प्रकोप का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। इन परिस्थितियों में वार्ड के सभी प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सफाई अभियान चलाने और मच्छरों के नियंत्रण के लिए आवश्यक उपाय करना बेहद जरूरी है।
वार्ड संख्या 17 के आम नागरिकों के अनुरोध पर जितेंद्र नारायण ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है। उन्होंने पूरे वार्ड में तत्काल धुआं फैलाने के लिए धूमन कराने, मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए दवा का छिड़काव करने तथा सभी अवरुद्ध नालियों की व्यापक सफाई कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़े इस मामले में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि मच्छरों के प्रकोप पर नियंत्रण पाया जा सके तथा स्थानीय निवासियों को संभावित बीमारियों के खतरे से बचाया जा सके।