जीबी पंत अस्पताल में उपराज्यपाल मरीजों से सीधे बातचीत कर चिकित्सा सुविधाओं और उपचार संबंधी समस्याओं की जानकारी लेते हुए।  
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जीबी पंत अस्पताल में उपराज्यपाल ने चिकित्सा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की

दवाओं, जांच, एमआरआई और चिकित्सकीय सेवाओं पर दिए निर्देश

SANJIB KUMAR ROY

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजय पुरम –

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने शुक्रवार को श्री विजय पुरम स्थित जीबी पंत अस्पताल का व्यापक निरीक्षण किया और अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, व्यवस्थाओं तथा समग्र प्रबंधन की गहन समीक्षा की। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत कर उन्हें उपलब्ध कराए जा रहे उपचार, सुविधाओं तथा उनके सामने आ रही कठिनाइयों और असुविधाओं के बारे में जानकारी ली।

औषधि वितरण केंद्र के निरीक्षण के दौरान सभी आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि मरीजों को रोजमर्रा के उपचार के लिए स्थानीय बाजार से दवाएं खरीदने पर अत्यधिक निर्भर न रहना पड़े। अस्पताल परिसर में स्थित जन औषधि केंद्र को जल्द से जल्द कार्यशील बनाने तथा उसका नियमित और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि मरीजों को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध हो सकें।

रोग जांच प्रयोगशाला के निरीक्षण के दौरान उपलब्ध सुविधाओं, उपकरणों और प्रयोगशाला के संचालन की समीक्षा की गई। आवश्यक जांच उपकरणों की पहचान करने के निर्देश दिए गए, जो वर्तमान में अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं, तथा उनके शीघ्र क्रय के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया, ताकि सभी आवश्यक जांच सुविधाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर अस्पताल परिसर में ही उपलब्ध कराई जा सकें।

काम न कर रही एमआरआई मशीन का गंभीर संज्ञान लेते हुए उपराज्यपाल ने निर्देश दिया कि इसकी युद्धस्तर पर मरम्मत कर जल्द से जल्द चालू किया जाए और इसके बाद इसके लगातार संचालन को भी सुनिश्चित किया जाए। प्रभारी मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया कि उपकरणों की खरीद पूरी तरह पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से की जाए।

उपराज्यपाल ने नेत्र रोग, हड्डी रोग, शल्य चिकित्सा, औषधि चिकित्सा और बाल रोग सहित विभिन्न वार्डों का भी निरीक्षण किया तथा मरीजों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य और उपचार संबंधी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने जरावा वार्ड में भर्ती जनजातीय समुदाय के मरीजों से भी मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों को उनके उपचार और देखभाल में विशेष संवेदनशीलता तथा तत्परता बरतने के निर्देश दिए गए।

मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अस्पताल परिसर में मरीजों के परिजनों के लिए आवास सुविधा स्थापित करने तथा पुरुष वार्ड में पर्याप्त बैठने और प्रतीक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

चिकित्सा शिक्षकों और चिकित्सकों के साथ बातचीत के दौरान उपराज्यपाल ने आवश्यक चिकित्सा सेवाओं की बहाली और सभी सेवाओं को जल्द से जल्द कार्यशील बनाने के लिए ठोस तथा समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने जीवन रक्षक श्वसन यंत्रों की तत्काल मरम्मत कराने के भी निर्देश दिए।

अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर उठाने का निर्देश दिया गया। संविदा आधार पर नए पदों के सृजन के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू करने तथा संविदा पर नियुक्त चिकित्सकों के कार्यकाल में स्थिरता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

उपराज्यपाल ने अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह आयुर्विज्ञान संस्थान में स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने और आगे की कार्रवाई करने पर भी जोर दिया, ताकि द्वीपसमूह में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाई जा सके और चिकित्सा शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जा सके। उन्होंने कैंसर तथा हृदय रोग संबंधी सेवाओं को पूरी तरह कार्यशील बनाने और प्रभावी रूप से संचालित करने के भी निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान सचिन शिंदे, आयुक्त-सह-सचिव तथा प्रभारी मुख्य सचिव, वंदना राव, स्वास्थ्य सचिव, पल्लवी सरकार, दक्षिण अंडमान की उपायुक्त, श्वेता के. सुगाथन, दक्षिण अंडमान की पुलिस अधीक्षक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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