सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम -अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के युवा शतरंज खिलाड़ियों ने वर्ष 2026 की अंडर-13 राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रभावी प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर द्वीपों की मौजूदगी दर्ज कराई। द्वीपसमूह के युवा खिलाड़ी जेएस विराट ने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल छह अंक हासिल किए। विराट ने पूरी प्रतियोगिता के दौरान मजबूत दृढ़ संकल्प और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का प्रदर्शन किया तथा देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे प्रतिभाशाली युवा शतरंज खिलाड़ियों के साथ मुकाबला करते हुए महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त किया।
द्वीपसमूह के एक अन्य होनहार खिलाड़ी आर. हर्षद ने भी इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और कुल दो अंक हासिल किए। राष्ट्रीय स्तर की उच्च स्तरीय प्रतियोगिता में उनकी भागीदारी से उन्हें महत्वपूर्ण अनुभव और प्रतिस्पर्धात्मक अनुभव प्राप्त हुआ, जो एक युवा शतरंज खिलाड़ी के रूप में उनके विकास में आगे महत्वपूर्ण योगदान देगा। राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत खिलाड़ियों के बीच मुकाबला करना हर्षद के लिए खेल की बारीकियों को समझने और अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर रहा।
वर्ष 2026 की अंडर-13 राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन 3 से 9 सितंबर 2026 तक पुदुचेरी में किया गया। प्रतियोगिता का आयोजन पुदुचेरी शतरंज संघ द्वारा किया गया तथा यह अखिल भारतीय शतरंज महासंघ के तत्वावधान में आयोजित हुई। देश के विभिन्न हिस्सों से युवा खिलाड़ियों ने इसमें भाग लिया और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी शतरंज प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
अंडमान और निकोबार शतरंज संघ ने राष्ट्रीय स्तर पर द्वीपसमूह का प्रतिनिधित्व करने के लिए दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी है। संघ ने जेएस विराट और आर. हर्षद के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके शतरंज सफर में लगातार सफलता की शुभकामनाएं दी हैं। संघ ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेना युवा खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण अनुभव प्रदान करता है और उन्हें उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में सहायता करता है।
राष्ट्रीय स्तर की शतरंज प्रतियोगिताओं में अंडमान और निकोबार के युवा खिलाड़ियों की भागीदारी द्वीपसमूह में शतरंज के वातावरण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। ऐसी प्रतियोगिताओं में युवा खिलाड़ियों को अवसर मिलने से उन्हें अपनी प्रतिभा को निखारने, देश के अन्य हिस्सों के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने तथा उच्च स्तर के खेल का अनुभव हासिल करने का अवसर मिलता है। साथ ही, राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में द्वीपसमूह के खिलाड़ियों की भागीदारी अधिक से अधिक युवाओं को शतरंज जैसे खेल को अपनाने और इसमें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।