अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह का सचिवालय।  
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स्थानीय अधिकारियों को दानिक्स में पदोन्नति के समान अवसर देने की मांग

भर्ती नियमों में संशोधन के लिए उपराज्यपाल से हस्तक्षेप का अनुरोध

SANJIB KUMAR ROY

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजय पुरम --

अंडमान एवं निकोबार प्रदेश कांग्रेस अभियान समिति के अध्यक्ष टी.एस.जी. भास्कर ने अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के पात्र स्थानीय अधिकारियों को दिल्ली, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह सिविल सेवा (दानिक्स) में शामिल होने और पदोन्नति प्राप्त करने के समान अवसर उपलब्ध कराने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने उपराज्यपाल से हस्तक्षेप करने और मौजूदा भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन कराने का अनुरोध किया है, ताकि विभिन्न विभागों में वर्षों से सेवाएं दे रहे योग्य अधिकारियों को भी उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

उपराज्यपाल को सौंपे गए अपने प्रतिवेदन में टी.एस.जी. भास्कर ने कहा है कि वर्तमान व्यवस्था के तहत दानिक्स में शामिल होने का अवसर कुछ चुनिंदा संवर्गों तक सीमित है। इनमें खंड विकास अधिकारी, तहसीलदार और सहकारी समितियों के सहायक पंजीयक जैसे पद शामिल हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि प्रशासन के अन्य विभागों में कार्यरत कई योग्य समूह 'क' और समूह 'ख' राजपत्रित अधिकारी समान रूप से प्रशासनिक अनुभव और योग्यता रखने के बावजूद इस व्यवस्था से बाहर रह जाते हैं।

उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन, कृषि और अन्य संबद्ध विभागों में कार्यरत अधिकारियों ने वर्षों तक समर्पित भाव से सेवाएं दी हैं। इनमें से कई अधिकारियों ने दूरदराज और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। ऐसे अधिकारियों के पास प्रशासनिक कार्यों का व्यापक अनुभव है और उन्होंने विभिन्न विभागों में काम करते हुए स्थानीय परिस्थितियों तथा जनता की आवश्यकताओं को नजदीक से समझा है। इसके बावजूद दानिक्स में शामिल होने के सीमित अवसरों के कारण उनकी योग्यता और अनुभव का पूरा लाभ प्रशासन को नहीं मिल पा रहा है।

टी.एस.जी. भास्कर ने कहा कि द्वीपसमूह में कार्यरत स्थानीय अधिकारियों को यहां की विशिष्ट भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक परिस्थितियों की गहरी जानकारी है। द्वीपों के बीच संपर्क व्यवस्था, ग्रामीण विकास, आपदा प्रबंधन, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जनसेवाओं की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर उनका व्यावहारिक अनुभव बेहद उपयोगी है। विशेष रूप से दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में प्रशासनिक चुनौतियां मुख्य भूमि से काफी अलग होती हैं। ऐसे में स्थानीय परिस्थितियों से परिचित और लंबे समय से द्वीपसमूह में सेवाएं दे रहे अधिकारियों की भूमिका प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

उन्होंने कहा कि दानिक्स में शामिल होने की मौजूदा व्यवस्था को केवल कुछ निर्धारित संवर्गों तक सीमित रखने से अन्य विभागों के योग्य अधिकारियों में असमानता और असंतोष की भावना पैदा हो रही है। कई अधिकारी वर्षों की सेवा, अनुभव और मेहनत के आधार पर विभिन्न पदों पर आगे बढ़े हैं, लेकिन वर्तमान नियमों के कारण उन्हें दानिक्स में शामिल होने के लिए समान अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। इससे अनुभवी स्थानीय अधिकारियों का मनोबल प्रभावित हो सकता है और प्रशासन उनकी विशेषज्ञता तथा कार्यक्षमता का पूरा उपयोग करने से वंचित रह सकता है।

टी.एस.जी. भास्कर ने कहा कि योग्य अधिकारियों को उनकी योग्यता, अनुभव और सेवा के आधार पर उचित पदोन्नति के अवसर उपलब्ध कराना न केवल उनके मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि इससे प्रशासनिक दक्षता और जनसेवा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि द्वीपसमूह के विकास और बेहतर प्रशासन के लिए स्थानीय अधिकारियों के अनुभव को उचित महत्व दिया जाना आवश्यक है।

इस संबंध में उन्होंने उपराज्यपाल से अनुरोध किया है कि वे मौजूदा भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन कराने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय तथा कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के समक्ष इस मुद्दे को उठाएं। उन्होंने मांग की है कि अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के विभिन्न विभागों में कार्यरत पात्र समूह 'क' और समूह 'ख' राजपत्रित अधिकारियों को भी दानिक्स में शामिल होने के लिए विचार किए जाने की व्यवस्था की जाए, ताकि किसी अधिकारी के साथ केवल उसके विभाग या संवर्ग के आधार पर असमान व्यवहार न हो।

इसके अतिरिक्त उन्होंने पात्र द्वीपसमूह आधारित अधिकारियों की पदोन्नति संबंधी मामलों पर समयबद्ध विचार सुनिश्चित करने के लिए विभागीय पदोन्नति समिति की नियमित बैठकें आयोजित करने का भी अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक पदोन्नति संबंधी अवसरों की प्रतीक्षा करने से अधिकारियों में निराशा पैदा होती है। इसलिए नियमित बैठकें आयोजित कर योग्य अधिकारियों के मामलों पर समय पर निर्णय लिया जाना चाहिए।

अंत में टी.एस.जी. भास्कर ने विश्वास व्यक्त किया कि उपराज्यपाल इस महत्वपूर्ण विषय पर उचित हस्तक्षेप करेंगे और स्थानीय अधिकारियों को समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि योग्य एवं अनुभवी स्थानीय अधिकारियों को उचित पदोन्नति और करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिलने से द्वीपसमूह की प्रशासनिक व्यवस्था और मजबूत होगी, शासन में सुधार आएगा तथा इसका सीधा लाभ अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह की आम जनता को मिलेगा।

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