सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम -- अवर राइट्स संगठन, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह ने उपराज्यपाल को पत्र लिखकर द्वीपों में बार-बार हो रही बिजली कटौती, वोल्टेज के भारी उतार-चढ़ाव और बिजली उपकरणों को हो रहे नुकसान के मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने का अनुरोध किया है।
पत्र में संगठन के अध्यक्ष सी सरवणन ने द्वीपों में बार-बार बिजली कटौती, वोल्टेज के भारी उतार-चढ़ाव और इसके कारण घरेलू बिजली उपकरणों को हो रहे नुकसान से आम जनता के सामने खड़ी गंभीर चिंताओं की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल श्री विजय पुरम (पोर्ट ब्लेयर) और दक्षिण अंडमान जिले के अन्य हिस्सों तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर और मध्य अंडमान की आम जनता भी इसी तरह की कठिनाइयों का सामना कर रही है, जिससे पूरे द्वीपसमूह के निवासियों को व्यापक असुविधा और परेशानी हो रही है।
उन्होंने कहा कि यह अत्यंत चिंताजनक है कि उपभोक्ताओं द्वारा नियमित रूप से बिजली बिल चुकाने के बावजूद बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता और गुणवत्ता असंतोषजनक बनी हुई है। विशेषकर इन द्वीपों में उपभोक्ताओं द्वारा चुकाई जा रही ऊंची बिजली दरों को देखते हुए बार-बार की बाधा और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव गंभीर जन चिंता का विषय बन गए हैं।
इस स्थिति का विद्यार्थियों की पढ़ाई, परिवारों की दैनिक गतिविधियों तथा भरोसेमंद बिजली आपूर्ति पर निर्भर अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। बिजली आपूर्ति के अनिश्चित होने से छोटे व्यवसायों और अन्य प्रतिष्ठानों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा अचानक वोल्टेज के उतार-चढ़ाव और अनियमित बिजली आपूर्ति से कथित तौर पर टेलीविजन, फ्रिज, एयर कंडीशनर, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित घरेलू बिजली उपकरण खराब हो रहे हैं, जिससे आम परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें खराब उपकरणों की मरम्मत और बदलने पर खर्च करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
संगठन ने द्वीपों में बिजली उत्पादन, उपलब्धता, वितरण और आपूर्ति की वास्तविक जमीनी स्थिति की व्यापक और निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने का अनुरोध किया है। प्रस्तावित समिति को वास्तविक उत्पादन क्षमता, बिजली की मांग, उत्पादन इकाइयों की उपलब्धता और किसी भी कमी के कारणों सहित बिजली उत्पादन और उपलब्धता की जांच, दक्षिण, उत्तर और मध्य अंडमान में बार-बार बिजली कटौती और बाधाओं के कारणों की पड़ताल, वोल्टेज के असामान्य उतार-चढ़ाव के तकनीकी कारणों और मौजूदा वितरण नेटवर्क की कमियों की जांच, पर्याप्त रखरखाव और आवश्यक उन्नयन हो रहा है या नहीं, यह जानने के लिए बिजलीघरों, जनरेटरों, ट्रांसफॉर्मरों, पारेषण और वितरण लाइनों तथा अन्य संबंधित अवसंरचना का निरीक्षण, प्रभावित उपभोक्ताओं से शिकायतें एकत्र करने और घरेलू बिजली उपकरणों को हुए नुकसान की जांच, जहां भी प्रशासनिक या तकनीकी कमियां प्रमाणित हों, उनकी पहचान कर सुधारात्मक उपायों और उनके क्रियान्वयन की स्पष्ट समय-सीमा तय करने तथा पूरे द्वीपसमूह में स्थिर, सुरक्षित, भरोसेमंद और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए टिकाऊ उपाय सुझाने का दायित्व सौंपा जा सकता है।
संगठन ने यह भी अनुरोध किया कि जांच समिति में उपयुक्त तकनीकी विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया जाए तथा पारदर्शिता और जवाबदेही के हित में उसके निष्कर्ष और सिफारिशें सार्वजनिक की जाएं।
बिजली को एक आवश्यक सार्वजनिक सेवा बताते हुए और यह कहते हुए कि इन द्वीपों के लोग भरोसेमंद और सुरक्षित बिजली आपूर्ति के हकदार हैं, सरवणन ने उपराज्यपाल से तत्काल हस्तक्षेप करने, प्रस्तावित समिति गठित करने और संबंधित अधिकारियों को दक्षिण, उत्तर और मध्य अंडमान की आम जनता की शिकायतें दूर करने के लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश देने की अपील की।