सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम – त्योहारी सीजन के दौरान उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने और अनुचित व्यापारिक गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से अंडमान एवं निकोबार प्रशासन ने पटाखों की दुकानों पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया। उपराज्यपाल के निर्देशों के अनुपालन में उपभोक्ता मामले एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के विधिक माप विज्ञान प्रभाग ने 5 नवंबर को आईटीएफ ग्राउंड स्थित प्रमुख थोक एवं खुदरा पटाखा विक्रय प्रतिष्ठानों में व्यापक जांच की।
इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य विधिक माप विज्ञान (पैकेज्ड कमोडिटीज) नियम, 2011 का अनुपालन सुनिश्चित करना तथा उपभोक्ताओं से निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक कीमत वसूलने और पैकेट पर भ्रामक जानकारी देने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाना था।
निरीक्षण के दौरान प्रवर्तन दल ने पटाखों के पैकेटों पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य की जांच की तथा यह सुनिश्चित किया कि किसी भी उपभोक्ता से निर्धारित एमआरपी से अधिक राशि न वसूली जाए। साथ ही, कीमत बढ़ाने के उद्देश्य से अतिरिक्त स्टिकर लगाने अथवा पुराने मूल्य संबंधी विवरण में बदलाव करने जैसी अनियमितताओं की भी जांच की गई।
इसके अलावा, पटाखों के पैकेटों पर निर्माता का नाम एवं पता, शुद्ध मात्रा, निर्माण अथवा पैकिंग का महीना एवं वर्ष तथा उपभोक्ता सहायता संबंधी विवरण जैसी अनिवार्य जानकारियों की उपलब्धता की जांच की गई। अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि पैकेटों पर दोहरे मूल्य अंकित न हों और मूल रूप से छपी घोषणाओं के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ न की गई हो।
अभियान के दौरान कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया तथा विधिक माप विज्ञान (पैकेज्ड कमोडिटीज) नियम, 2011 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए मामले दर्ज किए गए। नियमों का पालन नहीं करने वाले व्यापारियों को उल्लंघनों में सुधार करने के लिए सुधार संबंधी नोटिस भी जारी किए गए। यह कार्रवाई विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 के प्रावधानों के तहत की गई।
उपभोक्ता मामले एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सभी पटाखा निर्माताओं, आयातकों, पैकेजिंगकर्ताओं और खुदरा विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे सभी अनिवार्य घोषणाओं से युक्त पैकेटों की बिक्री निर्धारित एवं उचित कीमतों पर ही करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानून के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।