एबरडीन बाजार स्थित पोर्ट ब्लेयर नगर परिषद के सामने एक अक्टूबर को प्रदर्शन करते भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के अंडमान एवं निकोबार राज्य समिति के नेता और कार्यकर्ता। 
देश/विदेश

एबरडीन बाजार में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग

मतदाता सूची पुनरीक्षण रोकने और नाम बहाली की मांग

SANJIB KUMAR ROY

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजय पुरम – देशव्यापी वाम दलों के विरोध कार्यक्रम के तहत भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की अंडमान एवं निकोबार राज्य समिति ने एक अक्टूबर को एबरडीन बाजार स्थित पोर्ट ब्लेयर नगर परिषद के सामने जन प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया रोकने की मांग उठाई।

प्रदर्शन का उद्घाटन भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) अंडमान एवं निकोबार राज्य सचिव डी. अय्यप्पन ने किया। उन्होंने दावा किया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा किए गए विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद देशभर में करोड़ो लोगों के नाम मतदाता सूचियों से हटाए गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अंडमान एवं निकोबार संसदीय क्षेत्र में कुल लगभग 3.12 लाख मतदाताओं में से हज़ारो नाम पुनरीक्षण के बाद सूची से हटाए गए।

निर्वाचन प्रक्रिया में नाम हटाने की कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के रिकॉर्ड के आधार पर होती है; इसलिए पार्टी के दावों को आधिकारिक आंकड़ों और अभिलेखों से अलग करके देखा जाना आवश्यक है।

अय्यप्पन ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह की ओर से आयोजित बैठकों में माकपा ने बिना निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए मतदाताओं के नाम हटाए जाने का विरोध किया था। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर राजनीतिक पक्षपात का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान माकपा राज्य सचिवालय के सदस्य डॉ. गौरांग माझी और पी. सत्यपाल ने भी संबोधित किया। पार्टी की पोर्ट ब्लेयर नगर क्षेत्र समिति के सदस्य आर. सुरेंद्रन पिल्लई ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

इस अवसर पर राज्य सचिवालय के सदस्य बी. चंद्रचूड़न और डी. लक्ष्मण राव तथा वरिष्ठ नेता पी. बनर्जी भी मौजूद रहे। पार्टी के अनुसार पोर्ट ब्लेयर शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पार्टी नेता, कार्यकर्ता और समर्थक, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, प्रदर्शन में शामिल हुए।

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