सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजय पुरम --
अंडमान एवं निकोबार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद केंद्रशासित प्रदेश की मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या में हुई कथित भारी कमी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के अभियान समिति के चेयरमैन जी. भास्कर ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह को पत्र भेजकर इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
पत्र में जी. भास्कर ने कहा है कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान अंडमान एवं निकोबार लोकसभा क्षेत्र में कुल 3,27,323 मतदाता दर्ज थे। हालांकि, एसआईआर के बाद तैयार की गई संशोधित मतदाता सूची में यह संख्या घटकर लगभग 2,58,040 रह गई है। उनके अनुसार, यह लगभग 69,283 मतदाताओं यानी करीब 21 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि इनमें से अधिकांश मतदाताओं ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अब इन मतदाताओं को मतदाता सूची से हटाने के योग्य माना गया है, तो वर्ष 2024 के चुनाव में इनके वोटों की वैधता पर भी प्रश्न उठता है। पत्र में कहा गया है कि ऐसी स्थिति में अंडमान एवं निकोबार के मौजूदा सांसद को भी इन मतों से प्राप्त जनादेश के आधार पर अपने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं होना चाहिए।
पत्र में देशभर में एसआईआर के दौरान 13.3 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए जाने का भी उल्लेख किया गया है और केंद्र सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाया गया है।
जी. भास्कर ने कहा कि अंडमान एवं निकोबार के लोगों को यह स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए कि वर्ष 2024 की लोकसभा मतदाता सूची की तुलना में लगभग 69,283 मतदाता वर्तमान सूची से क्यों गायब हो गए हैं।
उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने तथा पुरानी मतदाता सूचियों को बहाल करने की मांग की है। पत्र की एक प्रति संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।