सिटी कांग्रेस समिति द्वारा श्री विजय पुरम में आयोजित रैली में शामिल कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं का फोटो।  
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सिटी कांग्रेस समिति ने निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग की

लोकतंत्र संविधान मतदान अधिकार बचाने का आह्वान

SANJIB KUMAR ROY

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजय पुरम --

सिटी कांग्रेस समिति, श्री विजय पुरम ने 28 सितंबर 2026 को सिटी कांग्रेस समिति के अध्यक्ष मोहम्मद जुबैर के नेतृत्व में श्री विजय पुरम में विशाल रैली का आयोजन किया। रैली का आयोजन उनके नेतृत्व और संगठनात्मक प्रयासों के तहत किया गया। रैली डेलानिपुर जंक्शन से शुरू होकर श्री विजय पुरम स्थित गांधी प्रतिमा तक पहुंची। रैली में अंडमान एवं निकोबार क्षेत्रीय कांग्रेस समिति के अध्यक्ष रंगलाल हलदर, अभियान समिति के अध्यक्ष टीएसजी भास्कर, जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष जॉन रॉबर्ट बाबू, महिला कांग्रेस अध्यक्ष जुबैदा बेगम, विभिन्न प्रखंड कांग्रेस समिति अध्यक्ष, सभी अग्रिम संगठनों और विभागों के प्रमुख, श्री विजय पुरम नगर परिषद के पार्षद, पंचायती राज संस्थाओं के सदस्य, वरिष्ठ नेता तथा कांग्रेस पार्टी के 300 से अधिक कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। रैली के दौरान बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन दिखाई दिया और लोकतंत्र की रक्षा तथा संविधान की सुरक्षा के समर्थन में नारे लगाए गए।

रैली के दौरान श्री विजय पुरम नगर परिषद मुख्यालय के सामने अंडमान एवं निकोबार पुलिस द्वारा रैली को रोकने और रास्ता अवरुद्ध करने का प्रयास किए जाने का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई के विरोध में सड़क पर बैठकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। काफी समय तक धरना जारी रहा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि पुलिस कार्रवाई से वे पीछे नहीं हटेंगे। लंबे समय तक हुई बातचीत और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दृढ़ रुख के बाद पुलिस ने रैली को आगे बढ़ने की अनुमति दे दी और कांग्रेस कार्यकर्ता गांधी प्रतिमा की ओर रवाना हुए।

प्रदर्शन की मुख्य मांग मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे और गिरफ्तारी की थी। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में भारत निर्वाचन आयोग, जो एक संवैधानिक संस्था है, भारतीय जनता पार्टी के एजेंट के रूप में कार्य कर रहा है। नेताओं ने दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का इस्तेमाल अल्पसंख्यकों, दलितों और कमजोर वर्गों से संबंधित लाखों वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किया गया, जिससे बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और अन्य राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को अनुचित लाभ पहुंचाया जा सके। नेताओं ने इसे स्पष्ट रूप से मत चोरी का मामला बताया और कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ठोस प्रमाणों के साथ इस मुद्दे को सामने रखा है।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि भारतीय समाचार पत्र में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कथित मनमाने और एकतरफा निर्णयों पर अभिलेख में आपत्ति दर्ज कराई है। नेताओं के अनुसार, इन आपत्तियों में मतदाता पंजीकरण के लिए उपयोग किए जाने वाले वैधानिक प्रपत्र-6 में कथित अवैध संशोधन, मतदाता सूचियों में नाम जोड़ने और हटाने की मनमानी प्रक्रिया तथा पूरे मतदाता सूची आंकड़ा आधार पर केंद्रीय नियंत्रण जैसे विषय शामिल हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इन निर्णयों में पूरे आयोग को विश्वास में नहीं लिया गया, जिससे निर्वाचन आयोग की सामूहिक कार्यप्रणाली प्रभावित हुई है।

नेताओं ने कहा कि यदि निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर प्रश्न उठता है तो लोकतंत्र के सामने गंभीर चुनौती पैदा होती है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से झारखंड और असम से तेलंगाना तक देशभर में कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर हैं।

सिटी कांग्रेस समिति ने दोहराया कि उसके अनुसार यह लड़ाई किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र, मतदान के अधिकार और भारत के संविधान की रक्षा के लिए है। समिति ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पद से इस्तीफा देने और कानून के अनुसार उनके खिलाफ कार्रवाई होने तक द्वीपों में यह आंदोलन जारी रहेगा। रैली का समापन गांधी प्रतिमा के समक्ष महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद शांतिपूर्ण तरीके से हुआ।

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