लाहौर : पाकिस्तान में पढ़ाई कर रहे कुछ अफगान छात्रों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज से निकाले जाने और “जबरन” अफगानिस्तान वापस भेजे जाने के सरकार के फैसले को बृहस्पतिवार को लाहौर उच्च न्यायालय में चुनौती दी। इन छात्रों ने दोनों देशों के रिश्तों में लगातार जारी गिरावट के बीच यह कदम उठाया। पाकिस्तान सरकार ने बुधवार को देशभर के मेडिकल एवं डेंटल कॉलेज को अफगान छात्रों को निकालने और भविष्य में उन्हें दाखिला न देने का आदेश दिया था। इस फैसले से देश में पढ़ाई कर रहे अफगानिस्तान के कई मेडिकल छात्रों की शिक्षा और पेशेवर भविष्य प्रभावित होने का खतरा है। सरकार ने इस फैसले के पीछे इस्लामाबाद और काबुल के रिश्तों में जारी तनाव को जिम्मेदार ठहराया था। बृहस्पतिवार को लगभग 13 अफगान मेडिकल छात्रों ने अधिवक्ता असद जमाल के जरिये लाहौर उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उन्हें ‘पाकिस्तान मेडिकल एंड डेंटल काउंसिल’ (पीएमडीसी) के निर्देश पर उनके संस्थानों से निकाल दिया गया है। पीएमडीसी को अपनी शक्तियों का इस्तेमाल पाकिस्तान के संविधान और अंतरराष्ट्रीय कानूनी दायित्वों के दायरे में रहकर करना चाहिए।