अनाज टर्मिनल 
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रूस के 80% अनाज टर्मिनल युद्धविराम पर जल्द शुरू हो सकते हैं

रूस और यूक्रेन के बीच कूटनीतिक प्रयास सफल होकर युद्धविराम होने पर रूस की अनाज टर्मिनल क्षमता का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा जल्द फिर से काम शुरू कर सकता है

Bharat Paswan

मॉस्को : रूस और यूक्रेन के बीच हमले रोकने को लेकर कूटनीतिक प्रयास सफल होकर युद्धविराम होता है तो काला सागर और आजोव सागर में रूस की अनाज टर्मिनल क्षमता का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा जल्द फिर से काम शुरू कर सकता है। रॉयटर के उद्योग संबंधी आंकड़ों के विश्लेषण में यह जानकारी सामने आई है। हालांकि, क्षेत्र के अनाज निर्यात ढांचे में करीब 20 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले तीन टर्मिनलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इनकी मरम्मत में कई महीने लग सकते हैं। तुर्किये के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन अनाज आयात करने वाले देशों के साथ मिलकर काला सागर से अनाज व्यापार बहाल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का नेतृत्व कर रहे हैं। हाल के महीनों में बंदरगाहों और जहाजों पर हमलों के कारण यह व्यापार प्रभावित हुआ है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शुक्रवार को कहा कि भारत, मिस्र और मध्य-पूर्व के कुछ अन्य देश भी इन प्रयासों में शामिल हैं। क्रेमलिन ने कूटनीतिक संपर्कों की पुष्टि की है, लेकिन कहा है कि रूस फिलहाल वैकल्पिक निर्यात मार्ग तलाश रहा है। चार सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इनमें से तीन प्रमुख टर्मिनलों को यूक्रेनी हमलों में गंभीर नुकसान पहुंचा है। इससे काला सागर और आजोव सागर में रूस की करीब एक-पांचवीं अनाज लदान क्षमता प्रभावित हुई है। रूस दुनिया का सबसे बड़ा गेहूं निर्यातक है। अनाज आपूर्ति बाधित होने से वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी हुई है और यूक्रेन युद्ध से जुड़ी खाद्य सुरक्षा की चिंताएं फिर बढ़ी हैं।

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