सन्मार्ग संवाददाा
श्री विजयपुरम : राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी मुक्त पंचायत पहल के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में वर्ष 2025 के लिए 38 ग्राम पंचायतों और 18 जनजातीय गांवों को “टीबी मुक्त” घोषित किया गया है। कुल पंचायतों में से 14 दक्षिण अंडमान जिले से, 22 उत्तर एवं मध्य अंडमान जिले से तथा 2 निकोबार जिले से संबंधित हैं। इसके अतिरिक्त निकोबार जिले के 18 जनजातीय गांवों ने भी टीबी मुक्त का दर्जा प्राप्त किया है। इन प्रमाणपत्रों को विश्व टीबी दिवस 2026 के अवसर पर संबंधित जिलों के उपायुक्तों द्वारा प्रदान किया गया, जिसमें टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन को मान्यता दी गई।
टीबी मुक्त दर्जा प्रदान करने का आधार टीबी मुक्त पंचायत ढांचे के अंतर्गत निर्धारित प्रमुख कार्यक्रम संकेतकों की प्राप्ति है, जिसमें प्रति हजार जनसंख्या पर उच्च संभावित टीबी जांच दर (30 या उससे अधिक), प्रति हजार जनसंख्या पर कम टीबी अधिसूचना दर (1 या उससे कम), 85 प्रतिशत से अधिक उपचार सफलता दर, अधिसूचित मामलों में कम से कम 60 प्रतिशत दवा संवेदनशीलता जांच कवरेज, निक्षय पोषण योजना के तहत पात्र रोगियों को 100 प्रतिशत लाभ तथा प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत पोषण सहायता की पूर्ण उपलब्धता शामिल है। राज्य टीबी इकाई ने बताया कि यह उपलब्धि मजबूत जमीनी क्रियान्वयन, शीघ्र पहचान, प्रभावी उपचार पालन तथा सुदृढ़ रोगी सहायता प्रणाली को दर्शाती है। समुदाय की निरंतर भागीदारी और पंचायत राज संस्थाओं के साथ समन्वय इस सफलता के प्रमुख कारक रहे हैं। यह भी बताया गया कि आगे के प्रयास सक्रिय केस खोज को मजबूत करने, निदान एवं उपचार की सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करने तथा अधिक पंचायतों और गांवों को टीबी मुक्त घोषित करने पर केंद्रित होंगे।