रानाघाट : बिजली बिल बकाया होने का झांसा देकर साइबर ठगों ने एक व्यक्ति के बैंक खाते से महज कुछ मिनटों में 99,400 रुपये उड़ा लिये। इतना ही नहीं, ठगों ने उसके क्रेडिट कार्ड से भी करीब 1.20 लाख रुपये निकालने की कोशिश की। हालांकि समय रहते कार्ड लॉक कर देने से पीड़ित ने बड़ी रकम गंवाने से बचा लिया।
जानकारी के अनुसार, रानाघाट के रहने वाले श्यामाप्रसाद विश्वास के मोबाइल पर दो दिन पहले एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनका बिजली बिल बकाया है। श्यामाप्रसाद ने बताया कि वह नियमित रूप से यूपीआई के माध्यम से बिजली बिल का भुगतान करते हैं। इसके बाद ठगों ने उन्हें एक मैसेज भेजकर बैंकिंग ऐप खोलने को कहा।
आरोप है कि मैसेज के निर्देशों का पालन करने के कुछ ही देर बाद उनके बैंक खाते से लगातार कई बार में कुल 99,400 रुपये निकाल लिये गये। पूरी रकम महज 5 से 7 मिनट के भीतर खाते से गायब हो गई।
इसके बाद ठगों ने उनके क्रेडिट कार्ड से भी करीब 1 लाख 20 हजार रुपये निकालने का प्रयास किया। हालांकि श्यामाप्रसाद को इसकी भनक लग गई और उन्होंने तत्काल क्रेडिट कार्ड लॉक कर दिया। इससे वह अतिरिक्त नुकसान से बच गये।
घटना के बाद पीड़ित ने बिजली विभाग, संबंधित बैंक और ताहेरपुर थाने की साइबर क्राइम शाखा में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कल्याणी साइबर क्राइम थाने और स्थानीय थाना प्रभारी से भी संपर्क किया। श्यामाप्रसाद का आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक उनके खाते से गायब रकम वापस नहीं मिल सकी है।
पीड़ित ने यह भी दावा किया कि उनका मोबाइल फोन अभी भी हैकरों के नियंत्रण में है। उनके अनुसार, ठगों ने एक ऐप के जरिए मोबाइल का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया है। घटना के बाद इलाके में भी साइबर ठगी को लेकर चिंता बढ़ गई है।
सावधानी जरूरी : बिजली बिल बकाया होने के नाम पर आने वाले किसी भी अनजान कॉल, लिंक या ऐप पर भरोसा न करें। किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर बैंकिंग ऐप न खोलें और न ही ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक संबंधी जानकारी साझा करें।