वडोदरा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि तेज गति से लोगों और माल की आवाजाही सुनिश्चित करने, नए अवसर पैदा करने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के मैदान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने 2,800 किलोमीटर लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) के पूरा होने को 21वीं सदी के भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर देश के व्यापार और माल परिवहन की तस्वीर बदल रहे हैं। यात्री और मालगाड़ियों के लिए अलग-अलग नेटवर्क होने से प्रतिदिन 430 से अधिक मालगाड़ियां चल रही हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां पहले ट्रकों से माल पहुंचने में करीब 30 घंटे लगते थे, वहीं नए कॉरिडोर के जरिए यह समय घटकर 10 से 12 घंटे रह गया है। इससे ईंधन की बचत, माल ढुलाई की लागत में कमी और पर्यावरण संरक्षण जैसे कई लाभ हुए हैं। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को भी फायदा हो रहा है और फूल, फल तथा सब्जियों जैसी जल्दी खराब होने वाली उपज तेजी से बड़े बाजारों और मंडियों तक पहुंच रही है।
मोदी ने जेएनपीटी से वडोदरा तक डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेन के सफल संचालन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक ऐसी ट्रेन मुंबई से 250 से अधिक ट्रकों के बराबर माल ढो सकती है।
प्रधानमंत्री ने गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों में रेल संपर्क के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों तक दशकों से रेल नहीं पहुंची थी, वहां अब रेल सेवाएं पहुंच रही हैं। छाेटा उदेपुर और अलीराजपुर के यात्रियों को नई ट्रेन सेवा से लाभ मिलने की बात भी उन्होंने कही।
मोदी ने कहा कि सड़क, मेट्रो, हवाई अड्डे, गैस पाइपलाइन और रेलवे जैसी बुनियादी परियोजनाओं में निवेश से बड़े पैमाने पर रोजगार और नए कारोबार के अवसर पैदा होते हैं। उन्होंने रेलवे के लिए 2.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक के रिकॉर्ड बजट का जिक्र करते हुए कहा कि रेलवे के आधुनिकीकरण पर होने वाला खर्च हजारों नए रोजगार पैदा कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने वडोदरा की औद्योगिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि शहर अब भारत के विनिर्माण क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि यहीं भारत में निर्मित पहला सी-295 सैन्य परिवहन विमान तैयार हुआ और इसकी पहली उड़ान भी वडोदरा से हुई।
उन्होंने कहा कि 2014 के बाद भारत ने करीब 50 हजार आधुनिक रेल कोच और 2.5 लाख वैगन बनाए हैं। सौर पीवी मॉड्यूल के घरेलू उत्पादन, फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि भारत अब ‘चिप से शिप’ तक विनिर्माण की नई कहानी लिख रहा है।
मोदी ने युवाओं के कौशल विकास को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में केवल पारंपरिक डिग्रियां पर्याप्त नहीं हैं। युवाओं के कौशल को लगातार उन्नत करना जरूरी है।
उन्होंने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराने की पहल की घोषणा की। साथ ही उन्होंने कृषि, स्वास्थ्य, रोबोटिक्स और विनिर्माण समेत विभिन्न क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए बड़े राष्ट्रीय अभियान की बात कही।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवाओं को AI के लिए तैयार करना जरूरी है, ताकि वे नए स्टार्टअप और नवाचारों के जरिए देश के विकास में योगदान दे सकें। उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के लिए देशवासियों से लगातार प्रयास करने का आह्वान किया।