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मेट्रो में छलांग लगाने जा रही छात्रा की प्रोफेसर ने जान बचाई

जेयू की छात्रा ने काउंसलिंग सेंटर में किया था प्रोफेसर को फोन

Megha

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : समस्या को सुनना ही किसी संकट में फंसे व्यक्ति की मदद की पहली सीढ़ी है। इसी सोच को सामने रखते हुए जादवपुर विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर ने मेट्रो में छलांग लगाने जा रही एक छात्रा की जान बचाई। विश्वविद्यालय के कला विभाग की छात्रा ने आत्मघाती कदम उठाने से ठीक पहले काउंसलिंग सेंटर में फोन किया था। फोन पर उसकी बात सुनते हुए प्रोफेसर ने लगातार बातचीत कर उसे मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलने के लिए राजी किया। जानकारी के अनुसार, जादवपुर विश्वविद्यालय में हाल ही में दाखिला लेने वाली छात्रा का नाम बदलकर तिलोत्तमा चट्टोपाध्याय बताया गया है। वह पढ़ाई में बेहद मेधावी थी और स्कूल में हमेशा अग्रणी छात्रों में रही थी। अच्छे परिणाम के आधार पर उसे जादवपुर विश्वविद्यालय में दाखिला मिला। हालांकि, विश्वविद्यालय में आने के बाद वह नए माहौल के साथ खुद को सहज नहीं कर पा रही थी। धीरे-धीरे उसके भीतर यह डर बैठने लगा कि वह पढ़ाई में पीछे रह रही है और इस माहौल के लिए उपयुक्त नहीं है। बताया जाता है कि छात्रा ने विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर काउंसलिंग सर्विस एंड स्टडीज इन सेल्फ डेवलपमेंट में फोन कर कहा कि वह मेट्रो लाइन पर छलांग लगाने जा रही है। फोन उठाने वाले केंद्र के प्रभारी प्रोफेसर समरकुमार मंडल घबराए नहीं। उन्होंने छात्रा से लगातार बातचीत शुरू की और उसका ध्यान आत्मघाती कदम से हटाने का प्रयास किया। प्रोफेसर मंडल के अनुसार, उनका एकमात्र लक्ष्य था कि छात्रा को किसी भी हालत में नुकसान न पहुंचे। बातचीत के दौरान उन्होंने उससे पूछा कि उसके आसपास कोई है या नहीं। छात्रा ने बताया कि वह अकेली है। इसके बाद भी प्रोफेसर ने बातचीत बंद नहीं की और उसे मेट्रो स्टेशन से बाहर आने के लिए समझाया। बातचीत के दौरान छात्रा को स्टेशन से बाहर निकलने और ऑटो से घर जाने के लिए कहा गया। इसके साथ ही प्रोफेसर ने उसके दोस्तों से संपर्क कर उन्हें छात्रा पर नजर रखने को कहा। उन्होंने छात्रा के प्रेमी से भी बात की, जो उस समय कोलकाता से बाहर था, और उसे जल्द शहर लौटने का आग्रह किया।

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