आसनसोल : पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल ने चालू वित्तीय वर्ष में 31 अगस्त 2026 तक माल लदान और माल आय, दोनों में पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। कुल माल लदान 21.5324 मिलियन टन से बढ़कर 23.7834 मिलियन टन हो गया, जो 2.2510 मिलियन टन अर्थात 10.45% की वृद्धि है। इसी अवधि में माल आय ₹1,924.70 करोड़ से बढ़कर ₹2,400.02 करोड़ हो गई, जो ₹475.32 करोड़ अर्थात 24.70% की वृद्धि दर्शाती है। कोयला मंडल के कुल माल लदान का प्रमुख घटक बना हुआ है। कोयला लदान 17.1223 मिलियन टन से बढ़कर 19.5200 मिलियन टन हो गया, जिसमें 14.00% की वृद्धि दर्ज की गई। उर्वरक लदान में 8.52%, स्लैग में 59.78%, कंटेनर यातायात में 65.85% तथा लौह अयस्क पेलेट्स में 40.90% की वृद्धि हुई। कुल माल लदान में वस्तुवार हिस्सेदारी के अनुसार, कोयले की हिस्सेदारी 82.0%, उर्वरक की 2.5%, लौह अयस्क पेलेट्स की 0.29%, कंटेनर यातायात की 0.23% तथा अन्य वस्तुओं की 14.78% रही।
आसनसोल मंडल पश्चिम बंगाल तथा झारखंड और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों के औद्योगिक, खनन एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों के लिए कोयला, उर्वरक, औद्योगिक कच्चे माल, कंटेनरीकृत माल तथा अन्य वस्तुओं के रेल-आधारित परिवहन को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस प्रकार की कुशल माल ढुलाई से विद्युत, इस्पात, कृषि तथा अन्य औद्योगिक क्षेत्रों से संबंधित आपूर्ति शृंखला को आवश्यक सहायता मिलती है।
माल ढुलाई प्रदर्शन में हुई इस वृद्धि को कुशल रेल परिचालन, रेलवे परिसंपत्तियों के इष्टतम उपयोग, प्रभावी माल प्रबंधन तथा राजस्व की बेहतर प्राप्ति से बल मिला है। आसनसोल मंडल माल ढुलाई की दक्षता बढ़ाने, ग्राहक-केंद्रित सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा रेलवे परिसंपत्तियों के अधिकतम एवं इष्टतम उपयोग के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।