झाड़ग्राम : जंगलमहल झाड़ग्राम में अब टाइगर सफारी बनाने की तैयारी तेज हो गई है। इस परियोजना के शुरू होने के बाद इलाके में पर्यटन को बढ़ावा मिलने और पर्यटकों की संख्या दोगुनी होने की उम्मीद है। बुधवार को राज्य के वन मंत्री मनोज ओड़ांव ने टाइगर सफारी के लिए प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि अगले डेढ़ से दो वर्षों के भीतर परियोजना का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
वन मंत्री ने पहले झाड़ग्राम जूलॉजिकल पार्क का दौरा किया। इसके बाद टाइगर सफारी के लिए प्रस्तावित जंगल क्षेत्र का निरीक्षण किया। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि राज्य के पहले बजट में ही झाड़ग्राम टाइगर सफारी के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। परियोजना के प्रारंभिक कार्य जल्द शुरू होंगे और कुछ दिनों में टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी।
मंत्री ने बताया कि फिलहाल 65 एकड़ जमीन पर टाइगर सफारी विकसित करने की योजना है। इसके शुरू होने से झाड़ग्राम के पर्यटन क्षेत्र में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
टाइगर सफारी के लिए भूमि एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से कुल 226.37 एकड़ जमीन वन विभाग को हस्तांतरित की गई है। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से विकसित करने की तैयारी है।
वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जे के सवाल पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि शिकायत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने वन विभाग की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा किया है, तो शिकायत के आधार पर उसके खिलाफ सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान विधायक लक्ष्मीकांत साउ, प्रणत टुडू और झाड़ग्राम के डीएफओ उमर इमाम समेत वन विभाग के अधिकारी मौजूद थे। बाद में वन मंत्री ने जामबनी नर्सरी का भी निरीक्षण किया।