बीरभूम : कौशिकी अमावस्या के पावन अवसर पर तारापीठ में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। बुधवार शाम से ही तारापीठ मंदिर परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। इस दौरान रामपुरहाट रेलवे स्टेशन से तारापीठ मंदिर परिसर तक हेलीकॉप्टर से श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा भी की गई।
कौशिकी अमावस्या को लेकर करीब 4 हजार पुलिसकर्मी तारापीठ में तैनात किए गए हैं। पूरे इलाके पर 11 वॉच टावर से नजर रखी जा रही है। मंदिर परिसर में करीब 400 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा फेस रिकग्निशन कैमरों के जरिए भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। ड्रोन से पूरे इलाके की लगातार निगरानी की जा रही है।
कुछ दिन पहले तारापीठ के एक होटल में आग लगने से मौत की घटना के बाद प्रशासन ने होटल और मंदिर परिसर की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए करीब 200 दमकलकर्मियों को तैयार रखा गया है। आग लगने की स्थिति में राहत एवं बचाव के लिए 8 फायर रोबोट भी तैनात रहेंगे। वहीं, 9 से 12 सितंबर तक 25 सदस्यीय आपदा प्रबंधन टीम को भी तैयार रखा गया है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार तारापीठ में डिजिटल रूटमैप की भी व्यवस्था की गई है। मेला परिसर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु क्यूआर कोड स्कैन कर रास्ते की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे भीड़ के बीच रास्ता खोजने में होने वाली परेशानी कम होने की उम्मीद है।
कौशिकी अमावस्या के दिन पूरे दिन श्रद्धालुओं के गर्भगृह में प्रवेश पर रोक रहेगी। भक्त बाहर से ही मां तारा के दर्शन कर सकेंगे। विशेष तिथि को देखते हुए मां तारा को विशेष भोग भी अर्पित किया जा रहा है। इसमें पांच तरह की भुजिया, पांच तरह की मिठाइयां, पुलाव, शोल मछली भाजा, खीर, खिचड़ी और बलि के बकरे का मांस सहित विभिन्न व्यंजन शामिल हैं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन चौबीसों घंटे सतर्क है।