मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: कोलकाता मेट्रो नेटवर्क वर्ष 2025 में एक ऐतिहासिक पड़ाव पर पहुँचा है। 22 अगस्त को तीन अहम विस्तार परियोजनाओं के उद्घाटन के साथ मेट्रो नेटवर्क में करीब 13.61 किलोमीटर की बढ़ोतरी हुई, जिससे शहर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और प्रमुख रेलवे स्टेशनों की कनेक्टिविटी और मजबूत हुई है।
हावड़ा मेट्रो बना देश का सबसे गहरा स्टेशन : ग्रीन लाइन के पूर्ण संचालन के साथ हावड़ा मेट्रो स्टेशन को देश का सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन होने का गौरव मिला। इसके अलावा अगस्त के अंत में जय हिंद स्टेशन देश के सबसे बड़े मेट्रो स्टेशन के रूप में उभरा, जिसने कोलकाता मेट्रो को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई।
येलो और ब्लू लाइन की सीधी कनेक्टिविटी : दिसंबर 2025 में मेट्रो रेलवे ने येलो लाइन (एयरपोर्ट) और ब्लू लाइन (कवि सुभाष/न्यू गड़िया) को नोआपाड़ा इंटरचेंज के जरिए सीधे जोड़ने वाली सेवाएं शुरू कीं। इससे यात्रियों को शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक बिना ट्रेन बदले यात्रा करने की सुविधा मिल गई है।
पर्पल और ऑरेंज लाइन पर काम जारी : हालाँकि कई सेक्शन चालू हो चुके हैं, लेकिन पर्पल लाइन (माजेरहाट–एस्प्लेनेड) और ऑरेंज लाइन के शेष हिस्सों—खासकर बेलेघाटा से सेक्टर वी और आगे एयरपोर्ट तक—पर काम अभी जारी है। चिंगरीघाटा गैप को पाटने के साथ-साथ न्यू टाउन और साल्ट लेक सेक्टर वी के स्टेशनों का निर्माण तेज़ी से किया जा रहा है।
2026 का लक्ष्य: ‘रिंग कनेक्टिविटी’ : मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2026 में दक्षिण कोलकाता, आईटी हब और एयरपोर्ट को जोड़ने वाली लगभग निरंतर “रिंग कनेक्टिविटी” तैयार करने का लक्ष्य है। इसके पूरा होने पर कवि सुभाष से एयरपोर्ट तक की यात्रा मात्र 56 मिनट में संभव हो सकेगी।