मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : हावड़ा नगर निगम की संरचना में बड़ा प्रशासनिक बदलाव होने जा रहा है। “हावड़ा म्यूनिसिपल अमेंडमेंट बिल 2026” को आगामी सत्र में विधानसभा में पेश किया जाएगा। इस संशोधन विधेयक के जरिए हावड़ा नगर निगम के वार्ड परिसीमन (डिलिमिटेशन) को कानूनी मान्यता मिलने की संभावना है, जिससे आने वाले नगर निगम चुनावों का रास्ता साफ होगा। प्रारंभ में हावड़ा नगर निगम में कुल 50 वार्ड थे। बाद में बाली नगर पालिका को हावड़ा नगर निगम के साथ जोड़ दिया गया, जिससे 16 अतिरिक्त वार्ड शामिल हुए और कुल वार्डों की संख्या बढ़कर 66 हो गई। इसके बाद समय के साथ विभिन्न इलाकों में जनसंख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिसके चलते वार्डों की सीमाओं में असंतुलन पैदा हो गया। जनसंख्या के इस असमान वितरण को ध्यान में रखते हुए हावड़ा के जिलाधिकारी द्वारा डिलिमिटेशन प्रक्रिया शुरू की गई। इस प्रक्रिया के तहत वार्डों का नए सिरे से परिसीमन किया गया, ताकि प्रत्येक वार्ड में जनसंख्या का अनुपात लगभग समान रहे। इस परिसीमन के बाद हावड़ा नगर निगम क्षेत्र में 66 वार्ड तय किए गए। इसी बीच प्रशासनिक स्तर पर एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बाली नगर पालिका को फिर से एक स्वतंत्र प्रशासनिक इकाई के रूप में अलग कर दिया गया। इसके परिणामस्वरूप बाली क्षेत्र के 16 वार्ड हावड़ा नगर निगम के दायरे से बाहर हो गए। हालांकि, डिलिमिटेशन के बाद हावड़ा नगर निगम क्षेत्र में नये सिरे से 66 वार्डों की संरचना तैयार की गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, संशोधन विधेयक के पारित होते ही हावड़ा नगर निगम में 66 वार्डों के आधार पर ही आगामी नगर निगम चुनाव कराए जाएंगे। यह बदलाव न केवल चुनावी प्रक्रिया को गति देगा, बल्कि नगर प्रशासन को अधिक व्यवस्थित और जनसंख्या के अनुरूप प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने में भी मदद करेगा।