कोलकाता : भारतीय रेल में सुरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित करने की अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सतीश कुमार ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जोनल रेलों के महाप्रबंधकों तथा सभी मंडलों के मंडल रेल प्रबंधकों के साथ मासिक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में रेलवे सुरक्षा, परिचालन तैयारियों तथा भारतीय रेल के समूचे नेटवर्क में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उपायों की व्यापक समीक्षा की गई।
अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने पुनः स्पष्ट किया कि भारतीय रेल के लिए सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी जोनल रेलों को निर्देश दिया कि निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, पटरियों, रोलिंग स्टॉक तथा सिग्नलिंग परिसंपत्तियों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा महत्वपूर्ण अवसंरचना की निरंतर निगरानी रखी जाए। उन्होंने सुरक्षित एवं विश्वसनीय रेल संचालन सुनिश्चित करने के लिए सतत सतर्कता, समयबद्ध रखरखाव, आधुनिक प्रौद्योगिकियों के उपयोग तथा सुरक्षा संबंधी कमियों के त्वरित निराकरण के महत्व पर विशेष बल दिया।
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित सुरक्षा मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई। अध्यक्ष ने सभी रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहाँ भी आवश्यकता हो, वहाँ सुरक्षा उपकरणों एवं प्रणालियों के सुधार तथा उन्नयन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने मंडल रेल प्रबंधकों को यह भी निर्देशित किया कि पटरियों, सिग्नलिंग प्रणालियों, पुलों तथा समपार फाटकों की चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि रेल सेवाएँ निर्बाध एवं सुरक्षित रूप से संचालित होती रहें।
बैठक में समपार फाटकों को समाप्त करने के लिए रोड ओवर ब्रिज तथा रोड अंडर ब्रिज के निर्माण से संबंधित चल रही परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई, जिससे रेल एवं सड़क दोनों उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। इसके अतिरिक्त, ऑटोमैटिक स्मोक डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम, फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम तथा फायर एंड स्मोक डिटेक्शन सिस्टम जैसी उन्नत सुरक्षा तकनीकों की स्थापना की प्रगति की भी समीक्षा की गई, ताकि यात्रियों की सुरक्षा एवं परिचालन क्षमता को और मजबूत किया जा सके।
आगामी आरआरबी सीबीटी परीक्षा पर विशेष ध्यान
अध्यक्ष एवं सीईओ ने आगामी रेलवे भर्ती बोर्ड कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) की तैयारियों की भी समीक्षा की। इस परीक्षा के दौरान देशभर में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के आवागमन की संभावना है। उन्होंने सभी जोनल रेलों को निर्देश दिया कि अभ्यर्थियों की सुगम एवं परेशानी-मुक्त यात्रा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्थाएँ की जाएँ।
उन्होंने निम्नलिखित सावधानियों एवं व्यवस्थाओं पर विशेष बल दिया—
स्थानीय प्रशासन, पुलिस तथा परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
स्टेशनों एवं परीक्षा-संबंधित स्थानों पर भीड़ प्रबंधन एवं सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की तैनाती की जाए।
यात्रियों के मार्गदर्शन हेतु निरंतर सार्वजनिक उद्घोषणाएँ, प्रमुख संकेतक (साइनेज) तथा समर्पित सहायता केंद्र (हेल्प डेस्क) उपलब्ध कराए जाएँ।
स्टेशनों पर पर्याप्त टिकटिंग सुविधाएँ, पेयजल, प्रतीक्षालय, प्रकाश व्यवस्था तथा स्वच्छता सुनिश्चित की जाए।
स्टेशन परिसर, परिसंचरण क्षेत्र तथा प्लेटफार्मों पर प्रभावी भीड़ नियंत्रण के माध्यम से अनावश्यक भीड़भाड़ को रोका जाए।
ट्रेनों का समय पर संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा ट्रेन परिचालन की सतत निगरानी रखी जाए, ताकि अभ्यर्थी समय पर अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुँच सकें।
आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सा दल, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली तथा आपदा प्रबंधन संसाधनों को तत्पर रखा जाए।