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गंगा में दौड़ेगी हाई-स्पीड 'वॉटर टैक्सी', कोलकाता-हावड़ा के ट्रैफिक को मिलेगा नया विकल्प

बनारस मॉडल पर होगी शुरुआत, ऐप के जरिए बुकिंग परिवहन विभाग के साथ मिलकर किया जा रहा है काम : मंत्री

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : कोलकाता और हावड़ा की लगातार बढ़ती ट्रैफिक समस्या से राहत दिलाने के लिए गंगा में हाई-स्पीड 'वॉटर टैक्सी' सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। पारंपरिक फेरी सेवा के साथ अब आधुनिक, प्रदूषण-मुक्त और तेज जल परिवहन व्यवस्था विकसित करने की योजना बनाई गई है। प्रस्तावित सेवा के तहत ऐप आधारित वॉटर टैक्सी चलेंगी, जिन्हें ओला और उबर की तरह बुक किया जा सकेगा। राज्य के मंत्री उमेश राय ने सन्मार्ग को बताया कि गंगा में वॉटर टैक्सी सेवा की शुरुआत बनारस मॉडल पर की जाएगी। हाल ही में उन्होंने हुगली शिपिंग यार्ड का दौरा किया, जहां से बनारस के लिए वॉटर टैक्सियां तैयार कर भेजी जाती हैं। दौरे के दौरान उन्होंने स्वयं वॉटर टैक्सी में बैठकर उसके संचालन, गति और सुविधाओं का निरीक्षण किया। उनका कहना है कि इसी अनुभव के आधार पर कोलकाता-हावड़ा में भी आधुनिक जल परिवहन प्रणाली विकसित की जाएगी। इसमें परिवहन विभाग की पूरी मदद ली जा रही है।

विद्यासागर सेतु से बाली ब्रिज तक बनेगा नया जलमार्ग

मंत्री ने बताया कि विद्यासागर सेतु (द्वितीय हुगली पुल) से बाली ब्रिज तक गंगा का बड़ा हिस्सा फिलहाल मुख्य रूप से मालवाहक जहाजों और सीमित संख्या में लॉन्च सेवाओं के लिए उपयोग होता है। जबकि इस पूरे जलमार्ग में शहरी परिवहन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। इन्हीं संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए वॉटर मेट्रो के साथ-साथ हाई-स्पीड वॉटर टैक्सी परियोजना पर काम किया जा रहा है।

ऐप कैब की तरह होगी बुकिंग

योजना के अनुसार यात्री मोबाइल ऐप के माध्यम से वॉटर टैक्सी बुक कर सकेंगे। यह सेवा राइड-शेयरिंग मॉडल पर आधारित होगी। हाई-स्पीड बोट या स्टीमर में 5, 7 और 10 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी, जिससे छोटी दूरी की यात्रा तेज और सुविधाजनक बन सकेगी।

इन इलाकों में बनेंगे आधुनिक जेटी

परियोजना के तहत गंगा किनारे कई प्रमुख स्थानों पर आधुनिक जेटी विकसित किए जाएंगे। इनमें शालीमार, बागबाजार, खिदिरपुर, मेटियाब्रुज और बैरकपुर जैसे प्रमुख घाट शामिल हैं। इन जेटियों से यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुगम जल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।

प्रदूषण कम करने और ट्रैफिक घटाने पर जोर

सरकार का मानना है कि वॉटर टैक्सी सेवा शुरू होने से सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा, यात्रा का समय घटेगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी। यदि परियोजना सफल रहती है तो भविष्य में गंगा के अन्य हिस्सों तक भी इस सेवा का विस्तार किया जा सकता है।

पोदरा फेरीघाट का भी होगा विकास

मंत्री उमेश राय ने कहा कि सालों से बंद पड़ा पोदरा फेरीघाट का भी विकास किया जायेगा। ताकि नाजिरगंज से खिदिरपुर व मेटियाब्रुज जाने के लिए लोग जलमार्ग का ही इस्तेमाल करें और कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंच सके।

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