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स्वच्छ भविष्य की ओर कदम: 173वीं वर्षगांठ पर पूर्व रेलवे का विशेष स्वच्छता अभियान

कोलकाता :
173 साल पहले भारत की पहली ट्रेन यात्रा (1853) की ऐतिहासिक शुरुआत को याद करते हुए पूर्व रेलवे ने इस बार जश्न को एक नई दिशा दी। पारंपरिक समारोहों से हटकर रेलवे ने इसे स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता के बड़े अभियान में बदल दिया।

🚆 स्वच्छता अभियान का विशेष फोकस

महीने भर चले “स्वच्छता जागरूकता अभियान” के तहत 16 अप्रैल को पूरे जोन में कोच और ट्रैक की सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया। इसका उद्देश्य यात्रियों को साफ-सुथरा और बेहतर यात्रा अनुभव देना है।

👤 जीएम का संदेश और जमीनी पहल

पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देउसकर ने कहा,
“हम अपने गौरवशाली इतिहास का सम्मान एक स्वच्छ और बेहतर यात्रा अनुभव के संकल्प के साथ कर रहे हैं। यह सिर्फ अतीत का उत्सव नहीं, बल्कि यात्रियों के लिए स्वच्छ और टिकाऊ भविष्य का वादा है।”

उन्होंने स्वयं हावड़ा स्टेशन का दौरा किया और यात्रियों से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने:

  • ट्रेन और ट्रैक पर कचरा न फेंकने की अपील की

  • डस्टबिन के उपयोग पर जोर दिया

  • ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग स्टाफ (OBHS) की सेवाओं के बारे में बताया

  • बायो-टॉयलेट में कचरा न डालने और फ्लश के उपयोग की सलाह दी

🏢 पूरे जोन में व्यापक भागीदारी

इस अभियान में रेलवे के सभी वरिष्ठ अधिकारियों—AGM, PHODs, DRMs और अन्य कर्मचारियों—ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

वरिष्ठ अधिकारी सियालदह स्टेशन, मालदा टाउन स्टेशन और आसनसोल स्टेशन सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर पहुंचे और यात्रियों को जागरूक किया।

🤝 स्काउट्स, आरपीएफ और स्वयंसेवकों का सहयोग

अभियान को सफल बनाने में ईस्टर्न रेलवे भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने मिलकर काम किया।

🗣️ जनसहभागिता पर जोर

पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिब्राम माझी ने कहा कि रेलवे को साफ रखना सिर्फ एक दिन का काम नहीं, बल्कि रोज़ की जिम्मेदारी है।

उन्होंने यात्रियों से अपील की कि स्वच्छता को अपनी आदत बनाएं, क्योंकि रेलवे और आम जनता के संयुक्त प्रयास से ही इसे एक स्वच्छ और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था बनाया जा सकता है।

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