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हावड़ा स्टेशन पर आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई

अवैध होर्डिंग हटाये गये, धीरे-धीरे लौट रहे हैं हॉकर्स

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

हावड़ा : हावड़ा स्टेशन परिसर को अवैध कब्जे और गैरकानूनी निर्माण से मुक्त रखने के लिए रेलवे प्रशासन ने एक बार फिर बड़ा अभियान चलाया। देर रात आरपीएफ ने स्टेशन के बाहर लगे अवैध होर्डिंग, बैनर और फेस्टून हटा दिये। इससे पहले 16 मई को भी स्टेशन परिसर में अवैध दुकानों पर बुलडोजर चलाया गया था। रेल सूत्रों के अनुसार, रात करीब 11 बजे अभियान शुरू हुआ। आरपीएफ अधिकारियों के नेतृत्व में स्टेशन से सटे रास्तों, प्रवेश द्वारों और फुटपाथों पर लगे राजनीतिक बैनर, विज्ञापन होर्डिंग और अस्थायी पोस्टर हटाए गए। हालांकि इस बार बुलडोजर का इस्तेमाल नहीं किया गया। अधिकतर होर्डिंग और फेस्टून मजदूरों एवं कर्मचारियों की मदद से हाथों से ही हटाए गए। अभियान के दौरान इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में आरपीएफ जवानों और रेलवे पुलिस को तैनात किया गया था। प्रशासन ने साफ किया है कि स्टेशन परिसर में दोबारा अवैध कब्जा या अस्थायी दुकानें लगाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, एक सप्ताह पहले हटाए गए कई हॉकर्स अब नए तरीके से अपनी आजीविका शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। अब वे स्थायी रूप से फुटपाथ घेरने के बजाय ठेला गाड़ियों पर चाय, फल और छोटे खाद्य पदार्थ बेचते दिखाई दे रहे हैं। वे चलते-फिरते कारोबार कर प्रशासन की नजरों से बचने के बजाय नियमों के भीतर रहने की कोशिश कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हावड़ा स्टेशन पर प्रतिदिन भारी संख्या में यात्रियों की आवाजाही होती है और यहां छोटे कारोबार पर कई परिवारों की रोजी-रोटी निर्भर करती है। ऐसे में हॉकरों को हटाने की कार्रवाई को लेकर लोगों की मिश्रित प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कुछ यात्रियों का मानना है कि स्टेशन परिसर साफ-सुथरा और जाम मुक्त होने से राहत मिली है, वहीं हॉकर्स का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था के बिना केवल हटाने की कार्रवाई से कई परिवार संकट में पड़ जाएंगे। रेलवे प्रशासन ने संकेत दिये हैं कि आने वाले दिनों में भी हावड़ा स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी तथा अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी रहेगा।


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