मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
हुगली : डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और परिवहन संचालन लागत में इजाफे को लेकर हुगली इंटर रीजन एक्सप्रेस बस ओनर्स एसोसिएशन ने पश्चिम बंगाल सरकार के परिवहन मंत्री को ज्ञापन सौंपकर तत्काल राहत उपायों की मांग की है। एसोसिएशन के सचिव की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2018 के बाद से डीजल की कीमतों में लगभग 33 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके अलावा स्पेयर पार्ट्स, ऑटोमोबाइल सहायक सामग्री, लुब्रिकेंट, चेसिस, टायर, बस बॉडी निर्माण तथा मैकेनिकों की मजदूरी समेत सभी परिचालन खर्चों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इससे आम लोगों के लिए सुलभ परिवहन सेवा संचालित करना कठिन होता जा रहा है। पत्र में दावा किया गया है कि वर्तमान परिस्थितियों में निर्धारित बसों और मिनीबसों में से केवल 50 से 60 प्रतिशत वाहन ही सड़कों पर चल पा रहे हैं। इसके कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं परिवहन क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी भी रोजगार खोने के कगार पर पहुंच गए हैं। बस मालिकों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार द्वारा शीघ्र आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो राज्य में यात्री बस सेवाओं को पूरी तरह बंद करने जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि परिवहन क्षेत्र को राहत देने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों प्रकार की योजनाएं बनाई जाएं। साथ ही आय और व्यय के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए कुछ अंतरिम उपाय तत्काल लागू किए जाएं। ज्ञापन में विशेष रूप से यातायात नियम उल्लंघन से जुड़े उन जुर्मानों को समाप्त करने की मांग की गई है जिन्हें बस मालिकों ने मनमाना और अनुचित बताया है। इसके अलावा ओडिशा के तर्ज पर यात्री बसों के लिए सभी टोल प्लाजा पर मासिक टोल शुल्क अधिकतम 1,000 रुपये निर्धारित करने का भी प्रस्ताव रखा गया है। बस मालिकों के संगठन ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को संकट से उबारने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।