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कोलकाता मेट्रो में फिर लौटेंगे RFID स्मार्ट टोकन, QR पेपर टिकट भी रहेंगे जारी

यात्रियों की लगातार शिकायतों के बाद कोलकाता मेट्रो का निर्णय

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : यात्रियों की लगातार शिकायतों के बाद कोलकाता मेट्रो ने एक बार फिर RFID आधारित स्मार्ट टोकन खरीदने का फैसला किया है। मेट्रो रेलवे करीब 2 लाख RFID स्मार्ट टोकन चरणबद्ध तरीके से खरीदेगी। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि QR-कोड वाले पेपर टिकट भी जारी रहेंगे और दोनों व्यवस्थाएं समानांतर रूप से संचालित होंगी। अक्टूबर 2023 में मेट्रो रेलवे ने सबसे पहले ईस्ट-वेस्ट (ग्रीन लाइन) पर QR-कोड आधारित पेपर टिकट शुरू किए थे। बाद में इसे ब्लू, ऑरेंज और येलो लाइन तक विस्तारित किया गया। उस समय योजना थी कि यदि यह प्रणाली सफल रही तो धीरे-धीरे प्लास्टिक टोकन को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। लेकिन पिछले ढाई वर्षों में QR टिकटों के इस्तेमाल के दौरान यात्रियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खासकर व्यस्त समय में स्टेशन के ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (AFC) गेट पर यात्रियों को QR कोड स्कैन करने में परेशानी होती है, जिससे लंबी कतारें लग जाती हैं। कई यात्रियों को गेट पार करने के लिए कर्मचारियों की सहायता भी लेनी पड़ती है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए मेट्रो रेलवे ने RFID स्मार्ट टोकन खरीदने का निर्णय लिया है। रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक वाले ये टोकन सिक्के के आकार के होते हैं और इन्हें स्कैन करने के लिए QR कोड की तरह सीधे सामने लाने की आवश्यकता नहीं होती। इसलिए इनका उपयोग यात्रियों के लिए अधिक आसान और तेज माना जाता है। हालांकि अधिकारियों के अनुसार RFID टोकन में चिप लगी होने के कारण इसकी लागत पेपर टिकट की तुलना में अधिक है। इसके बावजूद यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन्हें फिर से बड़े पैमाने पर उपलब्ध कराया जाएगा। मेट्रो रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नए टोकन QR-कोड वाले पेपर टिकटों के साथ समानांतर व्यवस्था के रूप में खरीदे जा रहे हैं। फिलहाल पेपर टिकट बंद करने की कोई योजना नहीं है। मेट्रो रेलवे द्वारा जारी ई-टेंडर के अनुसार, इसकी प्रक्रिया 15 मई 2026 को पूरी हो गई। अब 2 लाख RFID टोकन चरणबद्ध तरीके से खरीदे जाएंगे। पहले चरण में 70,000 स्मार्ट टोकन की खरीद की जाएगी। इससे उम्मीद है कि स्टेशनों पर भीड़ के समय यात्रियों को तेज और अधिक सुविधाजनक प्रवेश एवं निकास की सुविधा मिल सकेगी।

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