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महानगर में बारिश का कहर, 10 की मौत

टूटा रिकॉर्ड, 47 साल बाद कोलकाता में हुई 340 मि.मी. बारिश

कोलकाता : दुर्गोत्सव के बीच एक रात की रिकॉर्ड बारिश में पूरा कोलकाता ठप हो गया। 47 साल बाद हुई रिकॉर्ड बारिश में 10 लोगों की मौत बिजली के झटके के कारण हो गयी। इनमें कोलकाता में 8 लोगों की मौत हुई है। पूरा कोलकाता जलमग्न हो गया। घरों में भी पानी घुस गया। आधी आबादी बिना बिजली के घरों में रहने को मजबूर हो गयी, क्योंकि जलजमाव के कारण बिजली की लाइनें काट दी गयी थीं। उत्तर से लेकर दक्षिण कोलकाता तक जहां तक नजर जा रही थी मानों सड़क नहीं, किसी तालाब का दृश्य था। दुर्गा पूजा पण्डालों में तो बारिश का पानी कमर तक घुसा ही, अस्पताल भी अछूते नहीं रहे। राज्य सरकार और कोलकाता नगर निगम की ओर से कंट्रोल रूम खोला गया है। मेयर फिरहाद हकीम खुद कमर भर पानी में उतरे और स्थिति का जायजा लिया।

रात 2.30 से 5.30 बजे तक सबसे अधिक बारिश

मौसम विभाग की ओर से बताया गया कि देर रात 2.30 से शाम 5.30 बजे तक सबसे अधिक 185.6 मि.मी. बारिश रिकॉर्ड की गयी। मौसम विभाग के अनुसार, इस समय सबसे अधिक देर तक कोलकाता के आसमान पर निम्न दबाव बना रहा जिससे इतनी अधिक बारिश हुई। केएमसी सूत्रों के अनुसार, कुल 340 मि.मी. बारिश कोलकाता में रिकॉर्ड की गयी जो पिछले 47 वर्षों में सबसे अधिक है। इससे पहले वर्ष 1978 में 369.6 मि.मी. बारिश रिकॉर्ड की गयी थी।

बादल फटना नहीं, निम्न दबाव थी वजह

भोर 3 से 4 बजे तक केवल एक घण्टे में ही कोलकाता में 98 मि.मी. बारिश रिकॉर्ड की गयी जो एक घण्टे में हुई रिकॉर्ड बारिश है। मौसम विभाग ने बताया कि यह बादल फटने के मापदण्ड के तहत नहीं आता है क्योंकि यह 100 मि.मी. से कम है। ऐसे में यह बारिश बादल फटने की वजह से नहीं बल्कि निम्न दबाव के कारण हुई। बताया गया कि सोमवार की सुबह से ही निम्न दबाव बना था जो धीरे-धीरे तटवर्ती पश्चिम बंगाल और संलग्न नॉर्थ ओडिशा व नॉर्थ वेस्ट बंगाल की खाड़ी की ओर गया। इसके प्रभाव से कोलकाता के ऊपर और आस-पास के इलाकों में काफी नमी बनी। इस कारण पूरी रात कोलकाता में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गयी। कोलकाता क्षेत्र में बादलों की ऊंचाई लगभग 5 से 7 किमी. तक बनी रही।

परिवहन सेवाएं हुईं प्रभावित

भारी बारिश के कारण परिवहन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। जल, थल व आसमान पर भी बारिश का असर पड़ा। ट्रेन सेवाएं जहां बुरी तरह प्रभावित हुईं तो वहीं मेट्रो भी दिन भर दक्षिणेश्वर से मैदान और मैदान से दक्षिणेश्वर तक चलीं। इस दिन लंबी दूरी की 5 ट्रेनें रद्द रहीं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी मंगलवार को खराब मौसम का बड़ा असर पड़ा। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण 30 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि 42 उड़ानें देर से चलीं। खराब मौसम के चलते एयरलाइंस ने यात्रियों को यात्रा से पहले सतर्क रहने की सलाह दी है।

ऑफिस गोअर्स को भारी परेशानी

भारी बारिश के बीच, ऑफिस गोअर्स को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह लोग अपने-अपने काम के लिए रवाना हो चुके थे, लेकिन सड़कों पर बसें और टैक्सियां उपलब्ध नहीं रहने के कारण उन्हें ऑफिस तक पहुंचने में काफी देरी हुई।

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