मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : अखंड सौभाग्य का व्रत गणगौर का महोत्सव आगामी शनिवार को मनाया जायेगा। कोलकाता समेत हावड़ा व हुगली एवं दोनों 24 परगना में खासतौर से मारवाड़ी और माहेश्वरी समाज द्वारा यह त्योहार विशेष रूप से मनाया जा रहा है। इसका महत्व अविवाहित कन्या के लिए अच्छे वर की कामना को लेकर रहता है जबकि, शादीशुदा महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए यह व्रत करती हैं। इसकी तैयारियों में महिलाएं पहले से ही जुट गयी हैं। इसका नजारा बड़ाबाजार समेत अन्य बाजारों में देखने को मिल रहा है जहां महिलाएं गणगौर खरीदते हुए नजर आयीं। बांसतल्ला, हावड़ा AC व बांगुड़ में रोड पर ही गणगौर और ईसर प्रतिमाओं की खरीददारी के लिए महिलाओं की भीड़ नजर आई।
गणगौर की खरीददारी हो गयी है तेज : बाजार में दुकानों पर भी गणगौर को लेकर खरीददारी तेज हो गई। वहीं सुबह के समय युवतियां और महिलाएं गणगौर के गीत गा रही हैं। इस बारे में सूरज सोनकर नामक एक दुकानदार ने कहा कि गणगौर के पर्व पर शिव-पार्वती के स्वरूप ईसर और गणगौर की छोटी-छोटी मूर्तियों की खूब डिमांड है। इस बार शहर में माटी की ये प्रतिमाएं 200 रुपये से लेकर 250 रुपये के बीच मिल रही हैं। इनमें कमल के फूल के पारम्परिक कुंडा है। वहीं अभी मार्केट में शादियों के मंडप एवं मोर व हाथियों के शेप में बने कुंडा में मां गणगौर व ईसर देव की मूर्ति रखी हुई है जिसकी कीमत 1400 से लेकर 4100 रुपये तक है।
महिलाओं ने की खूब खरीददारी : गणगौर की खरीददारी करनेवाली भारती मोहता ने कहा कि उनके परिवार में यह बड़े तौर पर मनाया जाता है। चूंकि लकड़ी की गणगौर से पूजा होती है तो उनके लिए वह रंगबिरंगी पोशाकें खरीद रही थीं। वहीं उषा भारद्वाज ने कहा कि वे हर साल गणगौर की मूर्ति बड़ाबाजार से लेकर जाती हैं। उनकी कोशिश रहती है कि मूर्ति छोटी में भी आकर्षित हो। वहीं साड़ियों की खरीददारी करनेवाली कविता शर्मा का कहना है कि हर साल गणगौर पर वे अपनी मनपसंद साड़ियों की खरीददारी करती हैं और उसे पूजा के दिन पहनती हैं।