मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : गोलाबाड़ी थाना क्षेत्र के पिलखाना इलाके में बुधवार तड़के प्रमोटर मोहम्मद शफीक खान की गोली मारकर हत्या के मामले में जांच के दौरान कई सनसनीखेज खुलासे सामने आए हैं। पुलिस को इस वारदात के पीछे ऑनलाइन ब्रांडेड कपड़ों की ठगी से जुड़े एक संगठित गिरोह, गैंगवार और कथित ‘अफगान कनेक्शन’ के संकेत मिले हैं।
‘भांगा बाल्टी’ ठगी चक्र बना विवाद की जड़ : हावड़ा सिटी पुलिस के सूत्रों के अनुसार, इलाके में सक्रिय एक ऑनलाइन ठगी गिरोह, जिसे अपराध जगत में ‘भांगा बाल्टी चक्र’ के नाम से जाना जाता है, आधी कीमत पर ब्रांडेड कपड़े देने का लालच देकर लाखों रुपये ऐंठता था। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह से जुड़े एक सदस्य से करीब दो लाख रुपये की ठगी हुई थी। बताया जाता है कि आरोपी हारुन खान ने संबंधित ठग से दबाव बनाकर रकम वसूल की थी। इसके बाद ठगी गिरोह के कथित सरगना ने शफीक से संपर्क कर हारुन की शिकायत की। शफीक ने फोन पर हारुन को इस मामले से दूर रहने को कहा। यहीं से दोनों के बीच तनाव बढ़ा और वर्चस्व की लड़ाई खुलकर सामने आ गई। पुलिस का अनुमान है कि इसी विवाद के चलते हारुन ने अपने साथी की ठगी की रकम शफीक से ‘तुला’ के रूप में मांगी थी। रकम न मिलने पर हत्या की साजिश रची गई।
पहले भी हुई थी हत्या की कोशिश : जांच में यह भी सामने आया है कि गोलीकांड से एक दिन पहले शफीक ने शिबपुर के फोरशोर रोड पर अपने साथियों के साथ हारुन का पीछा किया था। मंगलवार रात भी वह बाइक से पिलखाना की गलियों में हारुन को तलाश रहा था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हारुन को आशंका थी कि यदि उसने पहले वार नहीं किया तो उसकी जान खतरे में पड़ सकती है। इसके बाद हारुन ने पांच सहयोगियों के साथ गोलाबाड़ी इलाके में एक महिला के घर बैठकर हत्या की साजिश को अंतिम रूप दिया। बुधवार तड़के वह अपने साथी रफाकत हुसैन उर्फ रोहित के साथ शफीक के घर के बाहर पहुंचा। आरोप है कि दोनों ने शफीक पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। शफीक के साथ मौजूद एक हथियारबंद सहयोगी मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल शफीक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
वर्चस्व की लड़ाई और आपराधिक पृष्ठभूमि : पुलिस के अनुसार, मृतक शफीक के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज थे। वह कथित रूप से उत्तर हावड़ा के कुख्यात अपराधी टिपू सुल्तान गिरोह से जुड़ा रहा था और हाल के दिनों में प्रमोटिंग के साथ इलाके में दबदबा कायम करने में सक्रिय था। सूत्रों का कहना है कि हारुन और शफीक कभी घनिष्ठ मित्र थे। कुछ वर्ष पूर्व फायरिंग की एक घटना में दोनों साथ जेल भी जा चुके थे, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने अलग-अलग गिरोह बना लिए और आपसी दुश्मनी गहराती गई।
‘अफगान कनेक्शन’ की भी जांच : पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी हारुन खान उत्तर हावड़ा में रह रहा था, लेकिन मूल रूप से अफगानिस्तान का नागरिक बताया जा रहा है। करीब एक वर्ष पूर्व वह असामाजिक गतिविधियों के आरोप में जेल जा चुका है। वहीं उसका सहयोगी रफाकत हुसैन उर्फ रोहित पर अवैध हथियार सप्लाई करने के आरोप हैं और वह भी पहले हथियार तस्करी के मामले में सजा काट चुका है।
चार टीमें गठित, पुलिस पिकेट तैनात : मुख्य आरोपी हारुन अभी फरार है। हावड़ा सिटी पुलिस की डिटेक्टिव विभाग ने चार विशेष टीमें गठित की हैं, जिनमें से दो टीमें राज्य से बाहर भी दबिश दे रही हैं। अब तक तीन सहयोगियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल और पुलिस पिकेट तैनात कर दिए गए हैं। हावड़ा सिटी पुलिस के साथ राज्य पुलिस की एसटीएफ भी मामले की जांच में जुटी है। स्थानीय विधायक एवं राज्य मंत्री अरूप राय ने कहा है कि आरोपियों का उनकी पार्टी से कोई संबंध नहीं है और पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।