कोलकाता : कोलकाता का नाम सुनते ही हमारे जहन में पहला नाम आता है Roshogolla का। रसगुल्ले के साथ कोलकाता अपने स्ट्रीट फूड के लिए भी प्रसिद्द है। कोलकाता जायकेदार और लजीज व्यंजनों का स्वर्ग है। यहां आपको एक से बढ़कर एक जायके लेने को मिलते हैं। देश के और पांच शहरों के स्ट्रीट फूड की खासियत की बात करेंगे तो कोलकाता शीर्ष स्थान पर ही रहेगा क्योंकि यहां के जैसा स्वादिष्ट और किफायती भोजना देश के किसी भी शहर में उपलब्ध नहीं है।
हर गली-नुक्कड़ पर है स्ट्रीट फूड के स्टॉल
कोलकाता के हर गली-नुक्कड़ से गुजरते वक्त आपको छोटा या बड़ा स्ट्रीट फूड का स्टॉल दिख ही जायेगा। गिनती की जाये तो शायद इन स्टॉलों की संख्या की लिस्ट छोटी पड़ जाये। कहीं-कहीं तो व्यस्त सड़कों के किनारे फुटपाथों पर कब्जा करने वाले उन स्ट्रीट फूड स्टॉल से लोगों की सम्सया बढ़ जाती है। कहीं राहगीरों की सुरक्षा से समझौता करना पड़ता है तो कहीं खाने की साफ-सफाई पर सवाल उठता है।
जल्द ही कोलकाता को मिलेगी फूड स्ट्रीट की सौगात
अब इन छोटी-छोटी समस्याओं से ऊपर उठकर आपके अपने City Of Joy कोलकाता में एक चमचमाती 'फूड स्ट्रीट' की शुरुआत होने जा रही है। मालूम हो कि कोलकाता नगर निगम ऐसी तीन 'फूड स्ट्रीट्स' बनाने के लिए जगह की तलाश कर रही है। सड़क चिन्हांकन के बाद अधोसंरचना की क्या जरूरत है, इस पर बैठक हुई, जिसमें डिप्टी मेयर अतिन घोष, नगर आयुक्त विनोद कुमार, विशेष आयुक्त सोमनाथ दे सहित जल आपूर्ति, प्रकाश व्यवस्था, जल निकासी, कचरा निस्तारण सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख मौजूद रहें।
विदेशों के Food Street हैं आकर्षण के केंद्र
ज्ञात हो कि इस फूड स्ट्रीट को बंगाल और कोलकाता की परंपराओं के अनुरूप आधुनिक, आकर्षक और सुरक्षित बनाया जाएगा। सिंगापुर, बैंकॉक समेत कई विदेशी शहरों में इस तरह की फूड स्ट्रीट फल-फूल रही है। यह पर्यटन के आकर्षणों में से एक बन गया है। कुछ ऐसा ही नजारा कोलकाता में भी नजर आयेगा।
महानगर में बनेंगे 3 Food Street
नगर निगम ने बताया कि यह विशेष परियोजना दरअसल केंद्र सरकार की है। इस प्रोजेक्ट में देश के 100 स्थानों को 'फूड स्ट्रीट' बनाने के लिए चुना गया है। पश्चिम बंगाल में उनमें से चार होंगे, जिनमें से तीन कोलकाता में होंगे। इसके लिए उत्तर, मध्य और दक्षिण कोलकाता की तीन सड़कों को चुना जाएगा।
लोगों ने उठाया सवाल
हालांकि, कई लोगों ने सवाल उठाया है, कोलकाता शहर में पहले से ही खाने-पीने की इतनी सारी दुकानें हैं, खाने-पीने के स्टालों से भरी इतनी सारी गलियां हैं, जिन्हें फूड स्ट्रीट के नाम से जाना जाता है। उन्हें सुधारना अधिक प्रभावी होगा। हालांकि, नगर निगम का दावा है कि यह फूड स्ट्रीट शहर भर में फैले विभिन्न फुटपाथ के फूड स्टॉल के समान नहीं होंगे। क्योंकि फुटपाथ की तुलना में क्षेत्र के भोजन और पर्यावरण की गुणवत्ता बहुत अलग होगी।
लगेंगे इन चीजों के फूड स्टॉल
बताया जा रहा है कि नगर निगम भोजनालयों को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल मुहैया कराएगी। बिरयानी से लेकर चाउमीन, रोल, फ्राइड राइस, मोमोज आदि तरह-तरह के फूड स्टॉल लगेंगे। यहां बैठने के साथ ही आपके हाथ धोने की सुविधा होगी। इसके अलावा यहां बायो-टॉयलेट भी लगाने की संभावना है। यहां स्वच्छता से कोई समझौता नहीं होगा। नगर निगम सूत्रों के मुताबिक एक सड़क को ठीक करने के लिए एक करोड़ रुपये पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है।