सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की पूर्वी क्षेत्रीय पीठ, कोलकाता ने न्यू टाउन-राजारहाट स्थित एक सीमेंट मिक्सिंग प्लांट से कथित धूल प्रदूषण की शिकायत पर पश्चिम बंगाल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (WBPCB) को विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान एनजीटी ने हिरण्मय सरकार द्वारा भेजे गए पत्र को मूल आवेदन (ओरिजिनल एप्लीकेशन संख्या 170/2026/EZ) के रूप में दर्ज किया। अधिकरण ने उच्चतम न्यायालय के फैसले म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ ग्रेटर मुम्बई बनाम अंकिता सिन्हा एवं अन्य (2022) के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले पर कार्रवाई शुरू की। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एफटीसी कांक्रिट प्राइवेट लिमिटेड का सीमेंट मिक्सिंग प्लांट राजारहाट के न्यू टाउन स्थित मैगनोलिया मर्लियन आवासीय परिसर के निकट संचालित हो रहा है। प्लांट से निकलने वाली सीमेंट की धूल और सूक्ष्म कणों के कारण आसपास के क्षेत्र में वायु प्रदूषण फैल रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आवेदक के अनुसार, इस प्रदूषण से लगभग 380 परिवार प्रभावित हो रहे हैं। शिकायत में कहा गया है कि सीमेंट की धूल लगातार घरों के भीतर जमा हो रही है, एयर कंडीशनर प्रभावित हो रहे हैं, दरवाजे और खिड़कियां खोलना मुश्किल हो गया है तथा बच्चों, बुजुर्गों और अन्य लोगों को सांस संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। एनजीटी ने अपने आदेश में कहा कि आवेदन में उठाए गए मुद्दे गंभीर पर्यावरणीय प्रश्नों से जुड़े हैं और इनकी सत्यता की भौतिक जांच आवश्यक है। इसी के मद्देनजर पश्चिम बंगाल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को शिकायत के आधार पर जांच करने का निर्देश दिया गया है। अधिकरण ने बोर्ड को निर्देश दिया है कि वह घटनास्थल का निरीक्षण कर शिकायतों का सत्यापन करे, जांच प्रक्रिया में शिकायतकर्ता और परियोजना संचालक के प्रतिनिधियों को शामिल करे, वायु प्रदूषण नियंत्रण मानकों तथा वैधानिक स्वीकृतियों के अनुपालन की जांच करे और यदि पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो कानून के अनुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित करे। एनजीटी ने पश्चिम बंगाल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आदेश प्राप्त होने की तिथि से तीन महीने के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट कोलकाता स्थित एनजीटी के रजिस्ट्रार के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इन निर्देशों के साथ अधिकरण ने मामले का निस्तारण कर दिया।