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पिंक लाइन को मिली नई रफ्तार, टेंडर जारी; सर्वे करेगा आईआईटी खड़गपुर

करीब 12.5 किलोमीटर लंबी इस मेट्रो लाइन के निर्माण के लिए टेंडर जारी

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : कोलकाता मेट्रो की लंबे समय से अटकी पिंक लाइन (बरानगर–बैरकपुर) परियोजना को लेकर नई उम्मीद जगी है। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में ठोस पहल शुरू हो गई है। करीब 12.5 किलोमीटर लंबी इस मेट्रो लाइन के निर्माण के लिए निविदा (टेंडर) जारी कर दी गई है, जबकि फील्ड सर्वेक्षण का जिम्मा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर को सौंपा गया है। परियोजना को लगभग साढ़े तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

17 वर्षों से अधर में थी परियोजना

बरानगर से बैरकपुर तक प्रस्तावित पिंक लाइन को वर्ष 2009 में केंद्र सरकार से मंजूरी मिली थी। इसके बावजूद पिछले 17 वर्षों में परियोजना पर उल्लेखनीय प्रगति नहीं हो सकी। हालांकि, रेलवे बोर्ड ने इसे कभी रद्द नहीं किया और हर वर्ष बजट में कुछ राशि आवंटित कर परियोजना को जीवित रखा। जुलाई 2026 में परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होने के साथ अब इसके साकार होने की उम्मीद बढ़ गई है।

बीटी रोड के नीचे जल पाइपलाइन बनी सबसे बड़ी चुनौती

मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, परियोजना के सामने सबसे बड़ी तकनीकी बाधा बीटी रोड के नीचे गुजरने वाली शहर की छह प्रमुख जलापूर्ति पाइपलाइन हैं। 40 से 42 मीटर चौड़ी इस सड़क के नीचे 42 से 72 इंच व्यास तक की छह पाइपलाइन बिछी हैं, जिनके जरिए प्रतिदिन लगभग 24 करोड़ गैलन पानी टाला जलाशय तक पहुंचता है। कोलकाता नगर निगम के इंजीनियरों का मानना है कि बीटी रोड पर अन्य महानगरों की तरह सेंट्रल पियर सिस्टम से मेट्रो स्टेशन बनाए जा सकते हैं, लेकिन इसके लिए तीन बड़ी जल पाइपलाइनों को स्थानांतरित करना आवश्यक होगा।

कल्याणी एक्सप्रेसवे का विकल्प भी आया था सामने

समस्या के समाधान के लिए एक समय मेट्रो लाइन का संरेखण (अलाइनमेंट) बीटी रोड के बजाय कल्याणी एक्सप्रेसवे के समानांतर करने का प्रस्ताव भी दिया गया था। हालांकि, इससे परियोजना की लंबाई बढ़कर लगभग 17 किलोमीटर हो जाती और नए डिजाइन तथा मंजूरी की प्रक्रिया में अतिरिक्त समय और लागत लगती। इसलिए इस विकल्प को आगे नहीं बढ़ाया गया।

माइक्रो-टनलिंग तकनीक से निकाला गया समाधान

परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए रेल विकास निगम लिमिटेड ने माइक्रो-टनलिंग तकनीक का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत बरानगर (डनलप ब्रिज) से बैरकपुर (चिड़िया मोड़) तक नई 60 इंच व्यास की माइल्ड स्टील वेल्डेड पाइपलाइन बिछाई जाएगी। चरणबद्ध तरीके से जलापूर्ति को अस्थायी रूप से रोककर नई पाइपलाइन को पुराने नेटवर्क से बटरफ्लाई वाल्व के माध्यम से जोड़ा जाएगा, ताकि शहर की जलापूर्ति पर न्यूनतम असर पड़े।

दो चरणों में होगा निर्माण

प्रस्तावित योजना के अनुसार परियोजना का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में बरानगर से सोदपुर तक मेट्रो लाइन का निर्माण होगा, जबकि दूसरे चरण में सोदपुर से बैरकपुर तक शेष कार्य पूरा किया जाएगा। यदि निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्य आगे बढ़ता है, तो पिंक लाइन उत्तर कोलकाता और उत्तर 24 परगना के लाखों यात्रियों के लिए तेज, सुरक्षित और सुगम सार्वजनिक परिवहन का नया विकल्प बन सकती है।

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