मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : स्थानीय संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में लंबे समय से प्रतीक्षित मुरारई सीमित ऊंचाई वाले सबवे (एलएचएस संख्या 32) को 7 जून 2026 को सड़क यातायात के लिए आधिकारिक रूप से पुनः खोल दिया गया। यह महत्वपूर्ण कार्य पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देउस्कर के गतिशील नेतृत्व में पूरा हुआ, जिनकी सुरक्षित और आधुनिक अवसंरचना संबंधी दूरदर्शिता ने टीम को जटिल इंजीनियरिंग चुनौतियों से सफलतापूर्वक पार पाने में मार्गदर्शन प्रदान किया। इस परियोजना को मंडल रेल प्रबंधक, हावड़ा, विशाल कपूर की निकट निगरानी में महत्वपूर्ण गति मिली। उन्होंने व्यापक विकास कार्यों के सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया। यह अंडरपास पहली बार 20 फरवरी 2025 को खोला गया था, लेकिन संरचनात्मक समस्याओं और जलभराव की चुनौतियों के समाधान हेतु 23 मई 2025 को इसे बंद करना पड़ा। एक वर्ष तक चले सूक्ष्म और व्यापक पुनर्निर्माण कार्यों के बाद अब इसे पुनः खोला गया है।
अंडरपास के पुनः खुलने से हजारों दैनिक यात्रियों और स्थानीय व्यवसायों को बड़ी राहत मिली है। परियोजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवराम माझी ने कहा, “यह उन्नत अंडरपास सुरक्षा, सुगम स्थानीय परिवहन और लंबे समय तक टिकाऊ सार्वजनिक अवसंरचना उपलब्ध कराने के प्रति पूर्व रेलवे की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।”