मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: कोलकाता मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के तहत लंबे समय से लंबित चिंगड़ीघाटा मेट्रो परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। चिंगड़ीघाटा में मेट्रो गर्डर लगाने का काम, जो करीब ढाई साल तक रुका रहा, अब लगभग ढाई महीने में पूरा किया जा रहा है। मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, दिसंबर 2026 से कवि सुभाष से सेक्टर V (आईटी सेंटर) तक मेट्रो सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। गत शुक्रवार रात से आज सुबह यानी सोमवार तक चिंगड़ीघाटा फ्लाईओवर को बंद रखकर पिलर संख्या 326 और 327 के बीच गर्डर लगाने का कार्य किया जा रहा है। इसके बाद इस हिस्से को गौरकिशोर घोष मेट्रो स्टेशन से जोड़ दिया जाएगा। निर्माण कार्य रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) की देखरेख में युद्धस्तर पर चल रहा है। मेट्रो सूत्रों के अनुसार, गर्डर लगाने का कार्य पूरा होते ही ट्रैक बिछाने, सिग्नलिंग सिस्टम और अन्य तकनीकी कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। लक्ष्य है कि दुर्गापूजा से पहले सभी आवश्यक निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएं। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पूरे नवंबर महीने में मेट्रो का ट्रायल रन किया जाएगा। यदि सभी परीक्षण सफल रहे तो दिसंबर 2026 से कवि सुभाष से आईटी सेंटर (सेक्टर V) तक नियमित व्यावसायिक मेट्रो सेवा शुरू कर दी जाएगी। वर्तमान में मेट्रो सेवा कवि सुभाष से बेलेघाटा तक लगभग 9.6 किलोमीटर मार्ग पर संचालित हो रही है। चिंगड़ीघाटा का काम पूरा होने के बाद गौरकिशोर घोष, नलबन और आईटी सेंटर स्टेशन भी इस कॉरिडोर से जुड़ जाएंगे। इस विस्तार से दक्षिण कोलकाता, साल्ट लेक और सेक्टर V आने-जाने वाले हजारों कार्यालय कर्मियों और दैनिक यात्रियों को तेज, सुगम और जाम-मुक्त परिवहन सुविधा मिलेगी। साथ ही शहर के पूर्वी हिस्से की कनेक्टिविटी भी पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।