हावड़ा : ‘सांसारिक मोहमाया के बंधन में फंसे लोग सदा चिंतित रहते हैं जबकि चिंता से बुद्धि का नाश होता है । मनुष्य को चिंता की नहीं चिंतन की आवश्यकता है क्योंकि चिंतन से बुद्धि निर्मल और विकसित होती है और जिसकी बुद्धि निर्मल है वह स्वतः सांसारिक दुःखों से दूर हो जायेगा ।’ यह उद्गार सलकिया बांधाघाट स्थित बंगेश्वर महादेव नया मंदिर में भागवत जन-कल्याण ट्रस्ट की ओर से माघ मास के उपलक्ष्य में सरोज-दिलीप चौधरी (अनमोल ग्रुप) के मुख्य यजमानत्व और महेश कुमार शर्मा (नेचुरल ग्रुप) के संरक्षण में आयोजित सप्ताह व्यापी श्रीमद् भागवत महापुराण यज्ञ के तीसरे दिन की कथा का प्रारम्भ करते हुए भागवत मर्मज्ञ पं. श्री मालीरामजी शास्त्री ने व्यक्त किये। पं. शास्त्री ने आज कथा प्रसंग के अनुसार अजामिल की कथा सुनाते हुए कहा कि अजा=माया और मिल=मिलना । अजामिल का अर्थ है माया का मिलना। दैनिक यजमान पुष्पा-सुभाष अग्रवाल (रेवांस ग्रुप) सहित 35एमएम के संचालक अशोक अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, रोहित अग्रवाल सहित अन्य गणमान्य लोगों ने व्यास पीठ को नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। संचालन करते हुए सुरेश कुमार भुवालका ने बताया कि कथा के चौथे दिन 23 जनवरी को दोपहर 2 से 6 बजे तक पं. श्री शास्त्री मुखारविंद से गजेन्द्र मोक्ष, वामन चरित्र, समुद्र मंथन, रामावतार व श्रीकृष्ण जन्म पर कथा प्रवचन करेंगे व भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव संगीता-संजय अग्रवाल (डीजी ग्रुप) के यजमानत्व व अनेक विशिष्टजनों की उपस्थिति में मनाया जायेगा।