हातीबागान सार्वजनिन के पूजा पंडाल में अपनी पेंटिंग की ओर देखते थॉमस हेनरिओट और तापस दत्ता  
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कोलकाता के ऐतिहासिक घाटों को दर्शाया जायेगा हातीबागान सार्वजनिन में

फ्रांस के पेंटर ने बनायी डिजाइन

कोलकाता : उत्तर कोलकाता के सबसे लोकप्रिय पंडालों में से एक हातीबागान सार्वजनिन पंडाल इस बार दुर्गा पूजा में खास चर्चा में है। यहां फ्रांस के कलाकार थॉमस हेनरिओट भारतीय थीम आर्टिस्ट तापस दत्ता के साथ मिलकर कोलकाता के ऐतिहासिक घाटों को नए अंदाज़ में प्रदर्शित कर रहे हैं। हेनरिओट, जिन्होंने फ्रांस की इकोले देज बिऑक्स आर्ट्स दे बिसैनकॉन से पढ़ाई की है, अपने इंक ड्रॉइंग्स और जापानी राइस पेपर रोल्स पर कला के लिए वह जाने जाते हैं। इस बार वह 22x7 फीट की विशाल कलाकृति बना रहे हैं, जिसमें घाटों का चित्रण होगा। हेनरिओट ने बताया, ‘मैं पहली बार करीब 20 साल पहले कोलकाता आया था। पिछले साल पूजा के दौरान यहां की कलाकृतियों को देखकर मैं बेहद प्रभावित हुआ। अब हातीबागान जैसे लोकप्रिय पंडाल में तापस दत्ता के साथ काम करना मेरे लिए गर्व की बात है।’ तापस दत्ता ने कहा, ‘एक समय गंगा किनारे 100 से अधिक घाट हुआ करते थे, लेकिन अब केवल चौथाई ही उपयोग में हैं। बाकी जर्जर हालत में पड़े हैं। हमारे पंडाल की थीम उन घाटों की कहानी बताएगी, जहां राजनीतिक सभाएं, भक्ति गीत, प्रेम की पहली आहट और जीवन के अंतिम संस्कार जैसे पल गुज़रे हैं।’ पंडाल में घाटों को पेंटिंग्स, वुड कार्विंग्स और पानी की लहरों की ध्वनि के जरिए जीवंत किया जाएगा। खास आकर्षण होंगे दीपक दास की पाय्रोग्राफी (लकड़ी को जलाकर डिज़ाइन बनाने की कला) और गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट, कोलकाता के 5 विद्यार्थियों की पेंटिंग्स। हातीबागान सार्वजनिन समिति के सचिव सास्वत बोस ने कहा, ‘लोग बनारस के घाटों की चर्चा करते हैं, लेकिन हम चाहते हैं कि हमारा पंडाल कोलकाता के घाटों को भी नई पहचान दिलाए और उनके पुनर्जीवन की राह खोले।’

इस तरह जायें

मेट्रो से श्यामबाजार उतरकर वहां से पैदल जा सकते हैं। इसके अलावा बस या ऑटो से हातीबागान मोड़ पर उतरकर जा सकते हैं।

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