ICF बनाएगा अत्याधुनिक मेट्रो रेक
नेटवर्क विस्तार और बढ़ती यात्री संख्या को मिलेगा सहारा
मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: देश की पहली मेट्रो सेवा को और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए कोलकाता मेट्रो को वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 14 नई पीढ़ी (नेक्स्ट-जनरेशन) की मेट्रो रेक मिलने की संभावना है। इन नई रेक के शामिल होने से यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने, ट्रेनों की आवृत्ति (फ्रीक्वेंसी) बढ़ाने और परिचालन क्षमता में सुधार करने में मदद मिलेगी। कोलकाता मेट्रो के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी एस. एस. कन्नान ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में लगभग 14 नई रेक मिलने की उम्मीद है। इनका निर्माण चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) द्वारा किया जाएगा। नई रेक अत्याधुनिक तकनीक से लैस होंगी। इनमें थ्री-फेज एसी मोटर, ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर और आधुनिक सुरक्षा एवं संचालन प्रणाली होगी। इन ट्रेनों की डिज़ाइन स्पीड 90 किलोमीटर प्रति घंटा, जबकि ऑपरेशनल स्पीड 80 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
4 से 5 वर्षों में आएंगी 60 नई रेक
गौरतलब है कि पिछले महीने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की थी कि अगले चार से पांच वर्षों में कोलकाता मेट्रो के बेड़े में 60 नई पीढ़ी की रेक शामिल की जाएंगी। इसका उद्देश्य देश की सबसे पुरानी मेट्रो प्रणाली का आधुनिकीकरण और तेजी से विस्तार करना है।
कोलकाता मेट्रो की रेक हैं दुनिया में अनोखी
कोलकाता मेट्रो की रेक अपने डिजाइन के कारण दुनिया में अलग पहचान रखती हैं। इनका बोगी और व्हील सेट ब्रॉड गेज पर आधारित होता है, जबकि कोच बॉडी मीटर गेज कॉन्फ़िगरेशन के अनुसार तैयार की जाती है। यह अनूठा संयोजन अन्य किसी मेट्रो प्रणाली में देखने को नहीं मिलता। ICF ने ही कोलकाता मेट्रो की पहली 18 नॉन-एसी रेक तैयार की थीं। डीसी प्रोपल्शन सिस्टम वाली ये रेक अब अपनी निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर चुकी हैं। इसके बाद वर्ष 2010 से 2013 के बीच टॉलीगंज (अब महानायक उत्तम कुमार) से कवि सुभाष तक विस्तार के दौरान ICF ने 13 एसी रेक भी तैयार की थीं।
नेताजी भवन स्टेशन पर एस्केलेटर बदला जाएगा
इसी बीच, कोलकाता मेट्रो ने ब्लू लाइन के नेताजी भवन स्टेशन पर मेजेनाइन स्तर से जादूबाबू बाजार गेट तक जाने वाले एस्केलेटर को बदलने का काम शुरू कर दिया है। 9 जुलाई 2026 से यह एस्केलेटर लगभग छह सप्ताह तक बंद रहेगा। हालांकि इस दौरान यात्रियों के लिए सीढ़ियों का उपयोग जारी रहेगा। नई रेक और स्टेशन सुविधाओं के आधुनिकीकरण से आने वाले समय में कोलकाता मेट्रो की सेवा अधिक सुरक्षित, तेज़ और सुविधाजनक बनने की उम्मीद है।