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कोलकाता मेट्रो : सीआरएस की मंज़ूरी से ब्लू लाइन पर समयपालन में सुधार की उम्मीद

कवि सुभाष स्टेशन बंद, लेकिन क्रॉसओवर सुविधा से रेक्स की निर्बाध आवाजाही संभव टॉलीगंज तक सीमित सेवाओं की परेशानी खत्म, सभी 172 दैनिक ट्रेनें समय पर चलेंगी

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : कोलकाता मेट्रो की नार्थ–साउथ (ब्लू) लाइन पर लंबे समय से चल रही परिचालन दिक्कतों को दूर करने के लिए रेल सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने एक अस्थायी परिचालन व्यवस्था को मंज़ूरी दे दी है। इस फैसले से ब्लू लाइन पर ट्रेनों की समयपालन क्षमता लगभग 98 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। यह मंज़ूरी कवि सुभाष और शहीद खुदीराम—दोनों दक्षिणी टर्मिनलों के बीच ट्रेन संचालन से जुड़े एक पुराने सुरक्षा नियम में आंशिक ढील से संबंधित है। अब तक सीआरएस के नियमों के अनुसार, शहीद खुदीराम स्टेशन से कोई भी मेट्रो रेक तब तक रवाना नहीं हो सकती थी, जब तक कि उससे पहले वाली ट्रेन कवि सुभाष में अपना टर्नअराउंड पूरा कर उत्तर की ओर रवाना न हो जाए। यह नियम दोनों स्टेशनों के बीच स्थित ढलान वाले वायाडक्ट हिस्से में एक समय में केवल एक ट्रेन की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया था। गौरतलब है कि 28 जुलाई 2025 से कवि सुभाष स्टेशन प्लेटफॉर्म के खंभों में संरचनात्मक दरारें पायी जाने के बाद से बंद है। हालांकि वहां यात्री सेवाएं निलंबित हैं, लेकिन क्रॉसओवर सुविधा के कारण खाली रेक अब भी उसी स्टेशन का उपयोग कर रही हैं, क्योंकि नए टर्मिनल शहीद खुदीराम में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।

सीआरएस की इस मंज़ूरी से ब्लू लाइन पर अप और डाउन मिलाकर सभी 172 दैनिक सेवाओं का संचालन तय समय पर संभव हो सकेगा। इससे पिछले कई महीनों से बनी परिचालन बाधा काफी हद तक दूर हो जाएगी। कवि सुभाष के बंद होने के बाद मेट्रो को टॉलीगंज तक 33 सेवाओं को शॉर्ट टर्मिनेट करना पड़ा था, जिससे यात्रियों में नाराजगी और प्रतीक्षा समय बढ़ गया था। नई व्यवस्था से यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।


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