मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोलकाता मेट्रो के ऑरेंज लाइन कॉरिडोर पर एक और अहम पड़ाव पार हो गया है। बेलेघाटा से साल्टलेक के आईटी सेंटर तक के हिस्से में वायाडक्ट और बैलास्टलेस ट्रैक का काम पूरा होने के बाद पहली बार ‘पुश ट्रॉली’ निरीक्षण किया गया। मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक, इसके साथ ही इस हिस्से में विद्युतीकरण का काम शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। बेलेघाटा से साल्टलेक आईटी सेंटर तक का हिस्सा कवि सुभाष–जय हिंद एयरपोर्ट मेट्रो कॉरिडोर के तीसरे चरण का हिस्सा है। करीब 32 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर की परियोजना को वर्ष 2010 में मंजूरी मिली थी और इसका निर्माण कुल पांच चरणों में आगे बढ़ाया जा रहा है। ट्रैक का काम पूरा होने के बाद पुश ट्रॉली से निरीक्षण किया गया। अब इस हिस्से में बिजली से जुड़े काम शुरू होने की संभावना है। इसके बाद ट्रायल रन और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं के जरिए यात्री सेवा शुरू करने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।
ऑरेंज लाइन के दो हिस्सों में पहले से चल रही सेवा
ऑरेंज लाइन के इस कॉरिडोर के दो हिस्सों में पहले ही यात्री सेवा शुरू हो चुकी है। कवि सुभाष से हेमंत मुखोपाध्याय तक मेट्रो चल रही है, जिसमें रूबी मोड़ भी शामिल है। इसके अलावा हेमंत मुखोपाध्याय से बेलेघाटा तक के हिस्से में भी मेट्रो सेवा शुरू हो चुकी है। अब बेलेघाटा से साल्टलेक आईटी सेंटर तक का हिस्सा जुड़ने पर ऑरेंज लाइन का एक और महत्वपूर्ण खंड यात्री सेवा के लिए तैयार हो सकेगा।
चिंगड़ीघाटा की वजह से लंबे समय तक अटका था काम
बेलेघाटा–साल्टलेक हिस्से में चिंगड़ीघाटा क्षेत्र की वजह से मेट्रो निर्माण लंबे समय तक प्रभावित रहा था। बाद में काम को आगे बढ़ाने की अनुमति मिलने के बाद मेट्रो रेल ने चिंगड़ीघाटा हिस्से में भी लाइन बिछाने का काम तय समय से पहले पूरा कर लिया। अब ट्रैक का काम पूरा होने और पुश ट्रॉली निरीक्षण के बाद विद्युतीकरण की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
सेक्टर-5 जाने वाले यात्रियों को होगा फायदा
बेलेघाटा से साल्टलेक के आईटी सेंटर तक मेट्रो सेवा शुरू होने पर साल्टलेक सेक्टर-5 के आईटी हब में काम करने वाले लोगों को सीधे मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे दक्षिण कोलकाता और साल्टलेक के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है। ऑरेंज लाइन का पूरा कॉरिडोर चालू होने के बाद कवि सुभाष से जय हिंद एयरपोर्ट तक मेट्रो नेटवर्क का सीधा विस्तार होगा। इससे दक्षिण कोलकाता और एयरपोर्ट क्षेत्र के बीच पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।